प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधि मंडल स्तर पर बातचीत हुई दोनों नेता भारत कनाडा रणनीति समझो साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक नई प्रगति पर बातचीत हुई उन्होंने व्यापार और निवेश ऊर्जा महत्वपूर्ण खनिज कृषि शिक्षा अनुसंधान और नवाचार तथा जैन संबंधों जैसे प्रमुख स्तंभों में चल रहे सहयोग का भी जैसा लिया।
उन्होंने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दुगना करने के उद्देश्य से सीईपीए या मुक्त व्यापार वार्ता के लिए संदर्भ की शर्तें भी जारी की। कनाडा ने भारत के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय और गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन से सदस्य के रूप में शामिल होने का भी निर्णय लिया।
सुरक्षा को लेकर बातचीत
2 मार्च 2026 को दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की नाजुक सुरक्षा स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत सभी संघर्षों के समाधान का समर्थन करता है वह भी संवाद और कूटनीति के माध्यम से।
प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से कहा, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति हमारे लिए बेहद चिंता का विषय है भारत सभी विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है।
उन्होंने कहा, “हम इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”
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यूरेनियम की आपूर्ति
मोदी कार्नी वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने कई समझौता पर हस्ताक्षर किए जिसमें महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता भी शामिल है। भारत और कनाडा ने सोमवार 2 मार्च 2026 को भारतीय परमाणु ऊर्जा रिएक्टरों के लिए 1.9 अरब डॉलर के 10 वर्षीय यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर सहमति व्यक्त की ओर इस वर्ष व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को पूरा करने पर भी सहमति जताई।
नरेंद्र मोदी ने कहा, नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में हमने यूरेनियम की लंबे समय की आपूर्ति के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है। अब हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर्स और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ मिलकर काम करेंगे और कहा कि रणनीतिक विश्वास स्थापित करने और पिछले कुछ वर्षों में बिगड़े संबंधों को फिर से सुधारने का प्रयोग करेंगे।
समझौते के तहत कनाडा भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करेगा।
व्यापार में बढ़ोतरी
2 मार्च 2026 को दोनों देशों ने मिलकर व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लिए जरूरी शर्तें तय कर ली है। भारत सरकार और कनाडा की कंपनी कैमेको के बीच परमाणु ईंधन के लिए हुए समझौते के तहत कैमरे को 2027 से 2035 तक लगभग 10000 टन यूरेनियम की आपूर्ति 1.9 अरब अमेरिकी डॉलर में करेगी। यह समझौता 2015 से 2020 तक लगभग 262 किलो मिलियन अमेरिकी डॉलर में 2700 टन यूरेनियम की आपूर्ति के लिए हुए एक अन्य समझौते के एक दशक से अधिक समय बाद हुआ है हालांकि ट्रुडे सरकार और मोदी सरकार के बीच बढ़ते तनाव के बीच पहला वाला समझौता अपने वादे को पूरा नहीं कर पाया।
उन्होंने बताया कि भारत और कनाडा रक्षा उद्योगों और समुद्री क्षेत्र की जागरूकता बढ़ाने के लिए भी काम करेंगे।
आतंकवाद एक चुनौती
दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि हम इस बात से सहमत है कि आतंकवाद हिंसक उग्रवाद और कट्टरता न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए सजा और गंभीर चुनौतियां हैं।
नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि वैश्विक शांति स्थिरता के लिए उनके खिलाफ हमारा घनिष्ठ सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री कार्नी के कार्यालय द्वारा जारी एक अलग अभियान में कहा गया है कि कनाडा अंतरराष्ट्रीय दमन का मुकाबला करने के लिए उपाय करना जारी रखेगा।
प्रधानमंत्री कार्नी का बयान: 2 मार्च 2026 को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा और भारत भविष्य के लिए अपना-अपना मार्ग प्रशांत कर रहे हैं जो नई महत्वाकांक्षाओं के साथ एक मूल्यवान साझेदारी का विस्तार है।।

