SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » Google ने लॉन्च किया भारत में Android यूज़र्स के लिए Emergency Location Service (ELS) 

Tech

Google ने लॉन्च किया भारत में Android यूज़र्स के लिए Emergency Location Service (ELS) 

SA News
Last updated: December 28, 2025 12:18 pm
SA News
Share
Google ने लॉन्च किया भारत में Android यूज़र्स के लिए Emergency Location Service (ELS) 
SHARE

Google ने भारत में एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए एक कमाल का फीचर लॉन्च किया है। इसका नाम इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (Emergency Location Service – ELS) है। यह फीचर खासतौर पर आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने में मदद करेगा।

Contents
  • Google का ELS फीचर से जुड़े मुख्य तथ्य: 
  • इमरजेंसी में लोकेशन बताने की टेंशन खत्म, ELS खुद करेगा मदद
  • कैसे शेयर होती है आपकी लोकेशन? जानिए ELS कैसे करता है काम
  • ELS कैसे पता लगाता है आपकी सटीक लोकेशन?
  • Emergency Location Service से संबंधित मुख्य FAQs 

भारत में यह सुविधा पहली बार शुरू की गई है और इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से हुई है। गूगल के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम में पहले से मौजूद यह फीचर तब अपने आप एक्टिव हो जाता है, जब कोई यूज़र इमरजेंसी नंबर डायल करता है।

जैसे ही कॉल की जाती है, ELS यूज़र की सटीक लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ के साथ शेयर कर देती है। इससे पुलिस, एंबुलेंस या अन्य राहत सेवाओं को यह जानने में आसानी होती है कि मदद कहां पहुंचानी है। कई बार घबराहट या अनजान जगह होने की वजह से लोग अपनी लोकेशन ठीक से नहीं बता पाते, ऐसे में यह फीचर बेहद कारगर साबित होगा।

Google का ELS फीचर से जुड़े मुख्य तथ्य: 

  • ELS फीचर इमरजेंसी कॉल या SMS करते ही ऑटोमैटिक एक्टिव हो जाता है
  • यूज़र की सटीक लोकेशन सीधे इमरजेंसी सर्विसेज़ तक पहुंचती है
  • GPS, Wi-Fi और मोबाइल नेटवर्क की मदद से लोकेशन ट्रैक होती है
  • लोकेशन की एक्यूरेसी लगभग 50 मीटर तक हो सकती है
  • कॉल ड्रॉप होने पर भी लोकेशन शेयर हो चुकी होती है
  • Android 6.0 और उससे ऊपर के सभी डिवाइस में यह सुविधा उपलब्ध है

यह भी पढ़ें : Google and Reliance Jio Revolutionize AI Access in India: Free Gemini Pro Plan Worth ₹35,100 for Jio Users

इमरजेंसी में लोकेशन बताने की टेंशन खत्म, ELS खुद करेगा मदद

कई बार इमरजेंसी की स्थिति में लोग इतना घबरा जाते हैं कि वे ठीक से अपनी लोकेशन नहीं बता पाते। कभी चोट लगने की वजह से बोलना मुश्किल हो जाता है, तो कभी अनजान जगह होने के कारण सही पता शेयर करना संभव नहीं हो पाता। इसके अलावा, कमज़ोर नेटवर्क सिग्नल भी एक बड़ी परेशानी बन जाती है।

ऐसी ही मुश्किल परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) काम करती है। जब कोई व्यक्ति इमरजेंसी कॉल करता है या SMS भेजता है, तो यह फीचर अपने आप उसकी लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ के साथ शेयर कर देता है। यूज़र को अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं होती।

कैसे शेयर होती है आपकी लोकेशन? जानिए ELS कैसे करता है काम

यह फीचर Android 6.0 और उसके बाद के सभी वर्जन में उपलब्ध है। चूंकि इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) एंड्रॉयड सिस्टम में पहले से ही मौजूद होती है, इसलिए यूज़र्स को इसके लिए अलग से कोई ऐप डाउनलोड या इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह फीचर सिर्फ इमरजेंसी के समय ही एक्टिव होता है। जैसे ही कोई यूज़र 112 या किसी अन्य इमरजेंसी नंबर पर कॉल करता है या मैसेज भेजता है, ELS अपने आप उस यूज़र की लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ के साथ शेयर कर देता है।

इतना ही नहीं, यह फीचर यूज़र की डिवाइस लैंग्वेज की जानकारी भी भेजता है, ताकि इमरजेंसी रिस्पॉन्डर यह समझ सकें कि यूज़र से किस भाषा में बात करनी है। इससे बातचीत आसान होती है और मदद पहुंचाने में समय की बचत होती है।

इस तकनीक की मदद से पुलिस, एंबुलेंस और फायर सर्विस जैसी एजेंसियों को सही जगह पर जल्दी पहुंचाया जा सकता है, जो किसी भी आपात स्थिति में बेहद अहम साबित होता है।

यह भी पढ़ें : BharOS: भारतीय स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम की टेस्टिंग हुई सफल, Google के Android तथा Apple के iOS को देगा कड़ी टक्कर

ELS कैसे पता लगाता है आपकी सटीक लोकेशन?

जैसे ही कोई यूजर इमरजेंसी नंबर पर कॉल या मैसेज करेगा, यह फीचर GPS, वाई-फाई और सेलुलर नेटवर्क की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगा लेगा. फिर यह जानकारी इमरजेंसी सर्विसेस के पास भेजी जाती है और इसकी एक्यूरेसी 50 मीटर तक हो सकती है. एक बार फोन कनेक्ट होने पर अगर कॉल ड्रॉप भी होती है तो भी लोकेशन शेयर हो जाएगी.

इसके बाद यह जानकारी सीधे इमरजेंसी सर्विसेज़ तक पहुंचा दी जाती है। खास बात यह है कि इसकी लोकेशन एक्यूरेसी लगभग 50 मीटर तक हो सकती है, जिससे मदद सही जगह पर जल्दी पहुंच सके।

अगर एक बार कॉल कनेक्ट हो जाती है और बाद में किसी वजह से कॉल ड्रॉप भी हो जाए, तब भी यूज़र की लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ के साथ शेयर हो चुकी होती है। इस वजह से आपात स्थिति में मदद मिलने की संभावना और भी बढ़ जाती है।

Emergency Location Service से संबंधित मुख्य FAQs 

Q1. Emergency Location Service (ELS) क्या है?

ELS एक Android फीचर है जो इमरजेंसी कॉल करते ही यूज़र की लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ से शेयर करता है।

Q2. क्या इसके लिए अलग से ऐप डाउनलोड करना होगा?

नहीं, यह फीचर Android सिस्टम में पहले से मौजूद होता है।

Q3. ELS किन Android डिवाइस में काम करता है?

Android 6.0 और उससे ऊपर के सभी स्मार्टफोन्स में।

Q4. क्या यह फीचर हर समय एक्टिव रहता है?

नहीं, यह सिर्फ इमरजेंसी कॉल या मैसेज के दौरान ही एक्टिव होता है।

Q5. लोकेशन कितनी सटीक होती है?

लगभग 50 मीटर तक की एक्यूरेसी हो सकती

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article us-travel-rules-in-hindi अमेरिका यात्रा के नियम बदले: 26 दिसंबर से ‘बायोमेट्रिक एंट्री-एग्ज़िट’ अनिवार्य, ग्रीन कार्ड होल्डर्स को भी करानी होगी जांच
Next Article Understanding The key Difference Between Comets, Asteroids, and Meteors Understanding The key Difference Between Comets, Asteroids, and Meteors
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

The Cosmic Genius: Albert Einstein’s Journey & Biography

When you hear the name Albert Einstein, what comes to your mind? Well for many…

By SA News

Omnichannel Marketing: How to Win Customers in the Age of Personalization 

Imagine this: a customer spots your product in a TikTok video, adds it to their…

By SA News

Cabinet Approves Rail Cum Road Bridge Across Ganga River In Varanasi Worth INR 2642 Crores

(Official Press Release) 

By SA News

You Might Also Like

Trends of Automobile Industries in India
Tech

Trends of Automobile Industries in India

By SA News
Smart Home Technology 2025 What Our Obsession for Smart Homes Says About Us
Tech

Smart Home Technology 2025: What Our Obsession for Smart Homes Says About Us

By SA News
Technology in Retail: Enhancing Customer Experience Or Controlling Our Choices?
Tech

Technology in Retail: Enhancing Customer Experience Or Controlling Our Choices?

By SA News
AI Ethics The Role Of Fairness In Tech Advancements 
Tech

AI Ethics: The Role Of Fairness In Tech Advancements 

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748kLike
340kFollow
13kPin
216kFollow
1.75MSubscribe
3kFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.