राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पीने के पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रही है। पिछले कुछ समय से कई इलाकों में नलों से आ रहे गंदे और दूषित पानी की शिकायतों को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने एक बेहद उन्नत और तकनीकी कदम उठाया है। जल बोर्ड ने दूषित पानी की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए अपना पहला ‘ऑनलाइन वाटर एनालाइज़र’ लॉन्च किया है। यह एक पायलट प्रोजेक्ट है जिसे शुरुआती तौर पर दक्षिणी दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में स्थापित किया गया है। यह हाई-टेक सिस्टम रियल-टाइम में पानी की शुद्धता की निगरानी करेगा, जिससे किसी भी तरह की मिलावट या लीकेज का तुरंत पता चल सकेगा और बीमारियों के खतरे को टाला जा सकेगा।
Delhi Jal Board Online Water Analyser से जुड़े मुख्य बिंदु:
- दिल्ली जल बोर्ड ने पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत अपना पहला ऑनलाइन वाटर एनालाइज़र लगाया।
- रियल-टाइम में पानी के तीन प्रमुख पैमानों पीएच, टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स (TDS) और क्लोरीन के स्तर की सटीक मॉनिटरिंग करती है, ये मशीन।
- इसे दिल्ली के गुलमोहर पार्क के गेट नंबर 2 पर एक पायलट प्रोजेक्ट (ट्रायल) के रूप में पूरी तरह से इंस्टॉल कर दिया गया है।
- भविष्य में इस सिस्टम को मोबाइल अलर्ट्स से जोड़ा जाएगा, जिससे टीडीएस या पीएच लेवल बिगड़ने पर निवासियों को सीधे फोन पर मिल जाएगा, मैसेज।
- यदि यह ट्रायल प्रोजेक्ट अपने दावों पर खरा उतरता है, तो दिल्ली जल बोर्ड इस तकनीक को पूरी दिल्ली के जल वितरण नेटवर्क में करेगी स्थापित।
यह नई स्मार्ट तकनीक कैसे काम करेगी?
पारंपरिक तरीके में जल बोर्ड के कर्मचारी पानी का सैंपल लेकर उसे लैब में भेजते थे, जिसकी टेस्ट रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते थे। तब तक आम जनता उसी दूषित पानी का सेवन करने को मजबूर होती थी। लेकिन नया ‘ऑनलाइन वाटर एनालाइज़र’ एक स्मार्ट और सेंसर आधारित प्रणाली है। यह पाइपलाइन से बहने वाले पानी का लगातार और ऑटोमैटिक तरीके से विश्लेषण करता है।
जैसे ही पानी में कीटाणुनाशक (क्लोरीन) की मात्रा कम होती है या टीडीएस का स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर जाता है, मशीन का सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को एक डिजिटल अलर्ट भेज देता है। इससे जल बोर्ड के इंजीनियरों को तुरंत यह पता चल जाता है कि पाइपलाइन के किस विशेष हिस्से में सीवर या अन्य किसी प्रकार का गंदा पानी मिल रहा है। जानकारी मिलते ही वे बिना समय बर्बाद किए उस लाइन की सप्लाई रोक कर उसे ठीक कर सकते हैं।
दिल्ली जल बोर्ड का अगला मास्टर प्लान
जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, केवल एक इलाके को सुरक्षित करना उनका अंतिम लक्ष्य नहीं है। गुलमोहर पार्क में लगाई गई इस मशीन की परफॉर्मेंस और डेटा का कुछ हफ्तों तक बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। अगर इसके परिणाम सटीक रहते हैं, तो दिल्ली के उन सभी अति-संवेदनशील इलाकों में भी इसे लगाया जाएगा, जहां पानी की पाइपलाइनें बहुत पुरानी हो चुकी हैं और अक्सर जलभराव या सीवर के पानी के साथ मिल जाती हैं। इससे पूरी दिल्ली को एक स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली मिलेगी और हैजा, डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों पर लगाम लगेगी।
FAQs about Delhi Jal Board Online Water Analyser
Q1. दिल्ली जल बोर्ड ने ऑनलाइन वाटर एनालाइजर क्यों लगाया है?
यह मशीन रियल-टाइम में पीने के पानी की शुद्धता और गुणवत्ता जांचने के लिए लगाई गई है, ताकि पाइपलाइन में गंदे पानी की मिलावट का तुरंत पता चल सके।
Q2. यह नया सिस्टम पानी में मुख्य रूप से किन चीजों की जांच करेगा?
यह सेंसर आधारित स्मार्ट प्रणाली पानी में मुख्य रूप से पीएच, टीडीएस और क्लोरीन के स्तर की 24 घंटे लगातार निगरानी करेगी।
Q3. यह पायलट प्रोजेक्ट सबसे पहले दिल्ली में कहां शुरू किया गया है?
इस हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम को सबसे पहले एक ट्रायल के तौर पर दक्षिणी दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में इंस्टॉल किया गया है।
Q4. क्या पानी खराब होने पर आम जनता को भी इसके बारे में पता चल सकेगा?
हां, जल बोर्ड की योजना है कि भविष्य में पानी का टीडीएस या पीएच लेवल बिगड़ने पर स्थानीय निवासियों को उनके मोबाइल फोन पर सीधा अलर्ट मैसेज भेजा जाए।
Q5. अगर यह सिस्टम सफल रहा तो आगे सरकार का क्या प्लान है?
इस पायलट प्रोजेक्ट के पूरी तरह सफल होने पर पीपीपी मॉडल के तहत इस एनालाइज़र को पूरी दिल्ली के जल वितरण नेटवर्क में लगाया जाएगा।

