मोबाइल फोन लैपटॉप टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ऑन से काम लेने के लिए कोडिंग की आवश्यकता होती है। कोडिंग की मदद से इन उपकरण ऑन से संवाद कर सकते हैं। कैलकुलेटर स्मार्ट टीवी ट्रैफिक लाइट कार जैसी आधुनिक टेक्निक्स आंतरिक कोडिंग सिस्टम का प्रयोग करती है।
- मानव इनपुट से मशीन कमांड तक: कोडिंग की भूमिका
- हाई लेवल भाषाएं कैसे कंप्यूटर को निर्देश देती हैं
दरअसल कंप्यूटर वगैरा मनुष्य की भाषा को समझ नहीं पाते इन सभी उपकरणों को मनुष्य भाषा के मुताबिक हर शब्द को कोड (जो संख्या के रूप में होते हैं) देकर अनुवाद किया जाता है।
मानव इनपुट से मशीन कमांड तक: कोडिंग की भूमिका
मानव द्वारा इनपुट को संख्यात्मक अनुक्रमांक में बदलकर आगे कमान करता है, जिससे कंप्यूटर समझ सकता है यह कोडिंग एक मैन्युअल की तरह काम करती है उपयोगकर्ता इनकोडिंग निर्देशों की सहायता से वेबसाइट एप्स के साथ इंटरेक्ट करते हैं कोड स्वयं स्क्रीन पर दिखाई नहीं देते उसकी वजह लोग वे शब्द और चिन्ह देखते हैं जो संख्या रूप में कोडिंग इसको बदलकर दिखाते हैं।
कोडिंग मशीन को बताती है कि उसे कौन से कार्य करने हैं और उन्हें कैसे पूरा करना है प्रत्येक प्रोग्रामिंग भाषा मनुष्य को मनीष मशीनों के साथ सटीक रूप से संवाद करने में मदद करती है।
हाई लेवल भाषाएं कैसे कंप्यूटर को निर्देश देती हैं
हाई लेवल कोड उसे कहते हैं जो मानव भाषा की तरह काम करने वाली एक कंप्यूटर संचार प्रक्रिया है जो सभी प्रोग्राम को और पूरे सिस्टम को एक साथ संचालित करने की अनुमति देता है कंप्यूटर जिस भाषा को समझता है उसे बाइनरी कोड कहते हैं और हाई लेवल कोडिंग मनुष्य भाषा को प्रोग्राम द्वारा बाइनरी कोड में परिवर्तित करके कंप्यूटर को भेजती है।
फ्रंट-एंड डेवलपर:
वेबसाइट और एप्लीकेशन बनाने के लिए डेवलपर कई प्रोग्रामिंग भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं फ्रंट एंड डेवलपर आम तौर पर वेबसाइट लेआउट एंड डिजाइन फंक्शन बनाने के लिए HTML, CSS या जावा स्क्रिप्ट कोड का उपयोग करते हैं।
बैक-एंड डेवलपर्स:
बैक एंड डेवलपर की आवश्यकता फेसबुक इंस्टाग्राम या लिंकडइन जैसे उपयोग करता खातों वाली वेबसाइटों के लिए कंप्यूटर कोड लिखने के लिए होती है बैक एंड डेवलपर्स अक्सर SQL, जावा और पाइथन जैसी भाषाओं का उपयोग करके कोड लिखता है।
पायथन:
इसका उपयोग वेबसाइट और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्रोग्राम बनाने जैसे डेवलपर मोबाइल फोन और डेटा विश्लेषण के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग डेस्कटॉप और वेब एप्लीकेशंस जैसे कि ERP सिस्टम विकसित करने के लिए भी किया जाता है।
सी:
सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम और डेटाबेस विकसित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें प्वाइंटर,लूप, कंडीशनल जैसी सुविधाएं होती हैं, जो प्रोग्रामिंग में मदद करती हैं।
सी++:
C++ एक शक्तिशाली प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसकी शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी। गेम बनाने और विकसित करने, ऑपरेटिंग सिस्टम, रियल-टाइम सिस्टम, ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर आदि के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
Source: IICS India
सी #:
डेस्कटॉप एप्लीकेशन वेब सेवाओं के निर्माण के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें क्लास, ऑब्जेक्ट, इन्हेरिटेंस जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
HTML:
इसका उपयोग वेब पेज की संरचनाएं बनाने के लिए किया जाता है जैसे पैराग्राफ लिंक,टेबल, फॉर्म आदि। यह वेब डेवलमेंट की वह सीढ़ी मानी जाती है, जिसको समझने के बाद CSS और JavaScript जैसी भाषाएं आसानी से सीखी जा सकती हैं।
रुबी ऑन रेल्स:
रूबी और रेल्स ऐसा वेब एप्लीकेशन है, जो रूबी प्रोग्रामिंग भाषा पर आधारित है। ई-कॉमर्स वेबसाइट और एप्लीकेशन विकसित करने, डेटा विश्लेषण करने के लिए उपयोग किया जाता है।
स्काला:
डाटा इंजीनियरिंग डाटा प्रोसेसिंग और वेब डेवलपमेंट सपोर्ट के लिए उपयोग किया जाता है। यह जावा वर्चुअल मशीन पर चलती है और बहुत लोकप्रिय है।
पर्ल:
इसका उपयोग वेब विकास टेक्स्ट हेर फेर और नेटवर्क प्रोग्रामिंग के लिए किया जाता है। इस भाषा में बहुत लचीलापन है और यह एक उच्च स्तरीय भाषा है।
PHP:
PHP एक सर्वर-साइड स्क्रिप्टिंग भाषा है और वेब डेवलेपर्स के बीच बहुत ही लोकप्रिय भाषा है। इसका उपयोग डायनेमिक वेबसाइट के लिए किया जाता है।
जावा:
यह कुछ उसे प्रोग्रामिंग भाषाओं में से एक है जो 101 छात्रों को सिखाई जाती है। यह सीखने में से सबसे आसान भाषाओं में से एक है। सेटिंग्स के मामले में यह C से काफी मिलती जुलती है, हालांकि C से विपरीत यह ऑब्जेक्टि ओरिएंटेड भाषा है।
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जब एक बहुमूल्य भाषा है इसका उपयोग ब्राउज़र आधारित मोबाइल और डेस्कटॉप एप्स का विकास शामिल है।
कोडिंग को कैसे सीखें
- कोडिंग का सबसे अच्छा तरीका कोडिंग की शुरुआत करना है तो सबसे पहले हेलो वर्ल्ड से शुरुआत करें।
- अब अलग-अलग डाटा को समझने के लिए कुछ आसान गणित के सवाल हल करें। हर डाटा कितनी सटीकता से काम करता है यह जानने के लिए भाग और मॉड ऑपरेटर का इस्तेमाल करें।
- उसके बाद ऐसे प्रोग्राम लिखना शुरू करें जो उपयोगकर्ता से इनपुट स्वीकार करते हो।
- इसके बाद सशक्त कथनों पर आगे बढ़े, if- else, else- if और स्विच केस का उपयोग करें।
- अगला चरण है पुनरावृति डू – व्हाईल, व्हाईल और फार लूप के बीच अंतर को समझें, फिर इनका उपयोग करके पैटर्न बनाने का प्रयास करें।
- अब तक आपको एटीएम सिम्युलेटर और कैलकुलेटर जैसे प्रोग्राम बनाने में सक्षम होना चाहिए।
- इसके बाद डाटा संरचनाओं की और आपका पहला कदम बढ़ाए। “एरे” सार्टिंग और सर्चिंग एल्गोरिथम को समझें और लागू करें।
- इसके बाद “स्ट्रिंग्स” आता है।
- अब आप पुस्तकालय और बैंकों के लिए डेटाबेस जैसे प्रोग्राम बना सकते हैं।
- अभी से फंक्शन बनाना शुरू करें। पैरामीटर और वैल्यू लौटाने वाले फंक्शन के काम करने के तरीके को समझें।
- एक बार जब आप फंक्शन्स की कार्यप्रणाली से परिचित हो जाए, तो रिकर्सन का उपयोग करना शुरू करें।
- आपने जिन प्रोग्राम को पुनरावृत्ति का उपयोग करके बनाया था उन सभी को पुनरावृत्ति क्रिया का उपयोग करके दोबारा डिजिटलयुगआधुनिकबनाने का प्रयास करें। (हालांकि उनमें से सभी को पुनरावृत्ति क्रिया के माध्यम से नहीं किया जा सकता।)
टेक्नोलॉजी: समय बचाने का वरदान
आधुनिक युग डिजिटल युग है, जिसमें समय के साथ-साथ नई टेक्नोलॉजी भी आ गई है। यह टेक्नोलॉजी परमात्मा ने ही दी है, ताकि मनुष्य समय बचाकर भक्ति कर सके। परंतु देखा गया है कि मनुष्य इस समय का सदुपयोग न करके दुरुपयोग कर रहा है। मानव जीवन भक्ति करने के लिए मिला है, लेकिन मनुष्य भक्ति न करके व्यर्थ के कामों में लगाकर बर्बाद कर रहा है।
सतभक्ति का सच्चा मार्ग केवल पूर्ण संत ही बताता है, जो सभी पवित्र ग्रंथों के आधार पर ज्ञान बताकर साधक को सच्चे मंत्र प्रदान करता है। वर्तमान में सच्चा संत केवल संत रामपाल जी महाराज हैं, जो हमारे पवित्र ग्रंथों के अनुसार भक्ति और धार्मिक अनुष्ठान करवा रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए आप डाउनलोड करें Sant Rampal Ji App

