SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » भूमि अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: किसानों के मुआवज़े में ‘आर्थिक बोझ’

Hindi News

भूमि अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: किसानों के मुआवज़े में ‘आर्थिक बोझ’

SA News
Last updated: March 29, 2026 11:18 am
SA News
Share
भूमि अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
SHARE

सुप्रीम कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अहम निर्णय सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मुआवज़े और उस पर मिलने वाले ब्याज की राशि को किसी भी सरकारी एजेंसी पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के आधार पर निर्धारित नहीं किया जा सकता।

Contents
  • NHAI की पुनर्विचार याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा उचित मुआवज़ा और 9% ब्याज देना संवैधानिक अधिकार, से जुड़े मुख्य बिंदु:
  • भूमि अधिग्रहण केस में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: NHAI की पुनर्विचार याचिका खारिज
  • मुआवजे पर सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश: किसानों को मिलेगा 9% ब्याज, NHAI की दलील खारिज
  • वित्तीय बोझ’ के आधार पर नहीं रोका जा सकता किसानों का मुआवज़ा
  • FQAs 

इस सख्त टिप्पणी के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने यह भी दोहराया कि उचित और न्यायसंगत मुआवजा देना एक संवैधानिक अधिकार है, जिसे कमज़ोर नहीं किया जा सकता।

यह फैसला NHAI द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनाया गया, जिसमें 2019 के उस निर्णय को निरस्त करने की मांग की गई थी। उस फैसले में कहा गया था कि राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण पर लागू मुआवजा और ब्याज केवल भविष्य के मामलों में ही प्रभावी होंगे।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को अस्वीकार करते हुए साफ कर दिया कि मुआवज़े के सिद्धांतों में किसी भी प्रकार की कटौती स्वीकार्य नहीं है। अदालत का यह रुख किसानों के अधिकारों को और अधिक मज़बूती प्रदान करता है।

NHAI की पुनर्विचार याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा उचित मुआवज़ा और 9% ब्याज देना संवैधानिक अधिकार, से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण में मुआवज़ा तय करते समय आर्थिक बोझ को आधार नहीं बनाया जा सकता।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पुनर्विचार याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
  • कोर्ट ने कहा कि उचित और न्यायसंगत मुआवज़ा देना किसानों का संवैधानिक अधिकार है।
  • 2019 का फैसला अब पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) रूप से लागू रहेगा।
  • किसानों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत 9% ब्याज मिलेगा, न कि 5%।
  • कोर्ट ने साफ किया कि वित्तीय बोझ (लगभग 29,000 करोड़ रुपये) मुआवज़ा देने से बचने का आधार नहीं बन सकता।

 यह भी पढ़ें: PM-KISAN 22वीं किस्त: मार्च में ₹2,000 मिलने की संभावना, e-KYC और Farmer ID जरूरी

भूमि अधिग्रहण केस में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: NHAI की पुनर्विचार याचिका खारिज

देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम टिप्पणी की। इस याचिका में शीर्ष अदालत से 4 फरवरी 2025 के फैसले को वापस लेने की मांग की गई थी।

अपने उस निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि वर्ष 2019 का फैसला पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) रूप से लागू होगा। इसके तहत NHAI अधिनियम के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि के किसानों को मुआवजा और उस पर ब्याज देने की अनुमति प्रदान की गई।

मुआवजे पर सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश: किसानों को मिलेगा 9% ब्याज, NHAI की दलील खारिज

पीठ ने स्पष्ट किया कि भूमि मालिकों को मिलने वाला ब्याज भूमि अधिग्रहण अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार होगा, जो 9 प्रतिशत निर्धारित है, न कि NHAI अधिनियम के तहत तय 5 प्रतिशत की सीमा के अनुसार। अदालत ने यह भी कहा कि NHAI ने इसी आधार पर फैसले की पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।

सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि अधिग्रहित भूमि के मालिकों को मुआवज़ा और ब्याज देने से जुड़ी वित्तीय ज़िम्मेदारी 100 करोड़ रुपये नहीं, जैसा कि पहले दावा किया गया था, बल्कि करीब 29,000 करोड़ रुपये तक पहुंचती।

वित्तीय बोझ’ के आधार पर नहीं रोका जा सकता किसानों का मुआवज़ा

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को अपने आदेश में कहा कि जहां तक इस दलील का संबंध है, कोर्ट ने शुरू में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि संशोधित वित्तीय अनुमान को रिकॉर्ड में ले भी लिया जाए तो भी यह उसे पहले के आदेश के गुण-दोष पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य नहीं करता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के मामले में मुआवज़े और ब्याज की राशि वित्तीय बोझ की मात्रा पर निर्भर नहीं हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई की याचिका खारिज करते हुए कहा कि वित्तीय बोझ मुआवज़े से इनकार करने का आधार नहीं है।

FQAs 

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला किस बारे में है?

यह फैसला भूमि अधिग्रहण में किसानों को मिलने वाले मुआवज़े और ब्याज से जुड़ा है।

कोर्ट ने आर्थिक बोझ पर क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि सरकारी एजेंसियों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ मुआवज़ा कम करने का आधार नहीं हो सकता।

किसानों को कितना ब्याज मिलेगा?

किसानों को अब 9% ब्याज मिलेगा, जो भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार है।

NHAI की याचिका क्यों खारिज हुई?

क्योंकि कोर्ट ने माना कि मुआवज़े के सिद्धांतों में कोई कटौती स्वीकार्य नहीं है।

क्या यह फैसला पुराने मामलों पर भी लागू होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने इसे पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) रूप से लागू करने का आदेश दिया है।

इस फैसले से किसानों को क्या फायदा होगा?

किसानों को ज़्यादा और न्यायसंगत मुआवज़ा मिलेगा, जिससे उनके अधिकार मज़बूत होंगे।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article CBSE Result 2026: Class 10, 12 Date Update CBSE Board Result 2026: Class 10, 12 Expected Date, How to Check, Passing Marks and Key Updates
Next Article PAN Card Rules Changing from April 1, 2026 PAN Card Rules Changing from April 1, 2026: Aadhaar-Only Process Ends
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

8वां वेतन आयोग 2026: जनवरी से सैलरी-पेंशन में 25-30% का उछाल, फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक, 1.1 करोड़ लोगों की जेब होगी गर्म 

केंद्र सरकार ने 3 नवंबर को ही 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है।…

By SA News

A Critical Analysis of Technology Adoption in Small Businesses: Opportunities and Limitations

Tech in Small Businesses: ‘Survival of the fittest’ is what we have been taught to…

By SA News

How Colour Psychology Is Being Used in Retail to Control Spending

When you walk into a shop, the most powerful influence is something one hardly registers…

By SA News

You Might Also Like

बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास
Hindi News

बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास

By SA News
लेबनान में इस्राइली सेना ने किया हमला 22 की मौत
Hindi NewsWorld

लेबनान में इस्राइली सेना ने किया हमला 22 कि मौत

By SA News
असम की खतरनाक कोयला खदानें: गरीबी और जोखिम के बीच फंसी जिंदगी
Hindi NewsLocalNational

असम की खतरनाक कोयला खदानें: गरीबी और जोखिम के बीच फंसी जिंदगी

By SA News
गुजरात हाईकोर्ट ने पत्रकार महेश लांगा को जीएसटी धोखाधड़ी मामले में दी जमानत
LocalHindi News

गुजरात हाईकोर्ट ने पत्रकार महेश लांगा को जीएसटी धोखाधड़ी मामले में दी जमानत

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.