अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे प्रस्तावित बिल का समर्थन किया है, जिसके तहत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया जा सकता है। इस कदम से व्हाइट हाउस को भारत और चीन जैसे बड़े आयातक देशों पर रणनीतिक दबाव बनाने का अवसर मिलेगा, ताकि उन्हें रूस से रियायती दरों पर तेल खरीदने से हतोत्साहित किया जा सके।
मुख्य बिंदु
- रूस से सस्ता तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की सख्त कार्रवाई की तैयारी।
- भारत पर टैरिफ़ बढ़ाने का दबाव, अगले हफ्ते वोटिंग के आसार।
- ग्राहम और ब्लूमेंथल का बयान, रूस-यूक्रेन युद्ध में टैरिफ़ की अहम भूमिका।
- ग्राहम का खुलासा, भारत पर 25% टैरिफ़ और रूस से तेल की खरीद घटाने की कोशिश।
- भारत-अमेरिका संबंधों पर सीनेटरों के साथ सार्थक बातचीत, ऊर्जा और सुरक्षा पर चर्चा।
रूस से सस्ता तेल खरीदने वालों पर सख्ती की तैयारी
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बुधवार को कहा कि प्रस्तावित रूस प्रतिबंध कानून से व्हाइट हाउस को चीन, भारत और ब्राज़ील जैसे देशों पर दबाव बनाने की ताकत मिलेगी, ताकि वे रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदना बंद करें। ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई अहम बैठक के बाद इस विधेयक को मंजूरी मिल गई है, जिस पर वे कई महीनों से काम कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति देगा, जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर रूस की युद्ध क्षमता को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दे रहे हैं, जबकि यूक्रेन शांति की कोशिशें कर रहा है। ग्राहम के मुताबिक, रूसी तेल से मिलने वाली आमदनी यूक्रेन के खिलाफ राष्ट्रपति पुतिन की हिंसक कार्रवाइयों को वित्तीय समर्थन देती है।
भारत पर टैरिफ़ बढ़ाने का दबाव
बेंगलुरु स्थित नायरा एनर्जी लिमिटेड की रिफाइनरी, जिसमें रूसी तेल कंपनी रोसनेफ्ट की हिस्सेदारी है, के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ता ईंधन भरवाते देखे गए। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ़ लागू किया है, जिसमें रूस से तेल खरीद को लेकर 25 प्रतिशत शुल्क शामिल है।
सीनेटर लिंडसे ग्राहम और रिचर्ड ब्लूमेंथल द्वारा पेश किए गए 2025 रूस प्रतिबंध अधिनियम में उन देशों पर कड़े टैरिफ़ और प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है, जो यूक्रेन में पुतिन के युद्ध को आर्थिक रूप से समर्थन दे रहे हैं। प्रस्तावित बिल में रूसी तेल की खरीद और पुनः बिक्री पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ़ लगाने की बात कही गई है। इस विधेयक को सीनेट की विदेश संबंध समिति के अधिकांश सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।
ग्राहम और ब्लूमेंथल का बयान: रूस-यूक्रेन युद्ध में टैरिफ़ का अहम रोल
ग्राहम और ब्लूमेंथल ने पिछले साल एक संयुक्त बयान में कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी हिंसा को रोकने के लिए एक नया दृष्टिकोण अपनाते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हालांकि, उनका मानना है कि युद्ध को समाप्त करने का अंतिम उपाय चीन, भारत और ब्राज़ील जैसे देशों पर टैरिफ़ लगाना होगा, जो सस्ते रूसी तेल और गैस खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन का समर्थन कर रहे हैं।
इस हफ्ते की शुरुआत में ग्राहम ने बताया कि अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने उन्हें भारत की रूस से तेल खरीद में कमी के प्रयासों के बारे में अवगत कराया और राष्ट्रपति ट्रंप से भारत पर लगाए गए टैरिफ़ में राहत देने की गुजारिश की।
ग्राहम का खुलासा: भारत पर 25% टैरिफ़, रूस से तेल की खरीद घटाने की कोशिश
ग्राहम ने कहा कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ़ लागू किया है। उन्होंने बताया कि लगभग एक महीने पहले वे भारतीय राजदूत के घर पर थे, जहां मुख्य चर्चा यही थी कि भारत रूस से तेल की खरीद कम कर रहा है। ग्राहम के अनुसार, राजदूत ने उनसे पूछा था कि क्या वे राष्ट्रपति से टैरिफ़ में राहत दिलाने की कोशिश करेंगे।

ग्राहम ने स्पष्ट किया कि यह रणनीति प्रभावी है, लेकिन अगर कोई सस्ता रूसी तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को सक्रिय रखता है, तो अमेरिका राष्ट्रपति को टैरिफ़ के माध्यम से कठोर विकल्प अपनाने की शक्ति देना चाहता है। उनके अनुसार, ट्रंप के कदमों के कारण ही भारत अब रूस से काफी कम तेल खरीद रहा है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर सीनेटरों के साथ सार्थक चर्चा
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने पिछले महीने वॉशिंगटन डीसी स्थित आधिकारिक आवास इंडिया हाउस में अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम, रिचर्ड ब्लूमेंथल, शेल्डन व्हाइटहाउस, पीटर वेल्च, डैन सुलिवन और मार्कवेन मुलिन सहित कई सीनेटरों की मेज़बानी की।
क्वात्रा ने एक्स पर लिखा कि ऊर्जा और रक्षा सहयोग, व्यापार और वैश्विक घटनाक्रमों पर भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर सार्थक बातचीत हुई। इसे दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करने का अवसर बताया गया।

