SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » Akshay Tritiya 2025: धन, धर्म और दिव्यता का संगम

Spirituality

Akshay Tritiya 2025: धन, धर्म और दिव्यता का संगम

SA News
Last updated: April 29, 2025 3:08 pm
SA News
Share
Akshay Tritiya 2025: धन, धर्म और दिव्यता का संगम
SHARE

Akshay Tritiya 2025: अक्षय तृतीया जिसे आखातीज के नाम से भी जाना जाता है, इस वर्ष 30 अप्रैल को है। माना जा रहा है कि यह तीस वर्षों बाद आया हुआ शुभ मुहूर्त है। अक्षय तृतीया को युगादि तिथि भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन से सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ हुआ था। इस दिन लोग दान, जप, तप, गृह प्रवेश, वाहन क्रय आदि करते हैं। अक्षय तृतीया आभूषण विशेषकर सोने की खरीददारी के लिए विशेष तिथि मानी जाती है।

Contents
  • क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya 2025)
  • सोने के बढ़े हुए भाव के कारण खरीद में गिरावट की संभावना 
  • वास्तविक सोना तो सत्य भक्ति है
  • ऐसे करें भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न
  • उत्तम पुरूषः तु अन्यः परमात्मा इति उदाहृत: : गीता अध्याय 15 श्लोक 17

अनेकों ब्रांड्स गोल्ड पर विशेष ऑफर देते हैं, छूटें प्रदान की जाती हैं, प्रमोशन ऑफर्स, एडवांस बुकिंग, एक्सचेंज ऑफर आदि चलाए जाते हैं। कुछ लोग इस दिन अनाज, घी आदि खरीदते और दान करते हैं। पीतल, सोना, चांदी, बर्तन, भूमि आदि का कार्य करने के लिए कहा जाता है।

क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya 2025)

अक्षय तृतीया 2025: प्रति वर्ष वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन अक्षय तृतीया का त्यौहार मनाया जाता है। इस तिथि का पूरा दिन शुभ मानते हुए लोग विभिन्न प्रकार की खरीद फ़रोख्त करते हैं। किया शुभ कार्य जैसे गृह प्रवेश, भूमि क्रय आदि भी लोग इस तिथि पर करते हैं। 

अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त: हिंदू धर्म में तिथियों का अलग ही महत्व है और प्रत्येक मनाई जाने वाली पर तिथि दिन किसी न किसी पौराणिक महत्व का दिन अवश्य होता है। अक्षय तृतीया का दिन भगवान विष्णु और उन्हीं के अवतार परशुराम की जयंती का दिन है। इस दिन मां गंगा का अवतरण हुआ था और इसी तिथि को ही भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को अक्षय पात्र दिया था। अक्षय तृतीया पर ही हयग्रीव, नर नारायण का अवतरण भी पृथ्वी पर माना जाता है जोकि भगवान विष्णु के अवतार हैं।

सोने के बढ़े हुए भाव के कारण खरीद में गिरावट की संभावना 

Akshya Tritiya 2025: सोने के भाव 22 अपील 2025 तक दस ग्राम के लिए एक लाख जा चुके हैं। इसका प्रमुख कारण वैश्विक अनिश्चितताएं और महंगाई का दबाव है। 24अप्रैल तक 22 कैरेट सोने की कीमत मालाबार गोल्ड्स, जोयालुक्कास और कल्याण ज्वेलर्स द्वारा 7945 रूपये प्रति ग्राम थी जबकि तनिष्क द्वारा 7990 रुपए प्रति ग्राम रही। इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म वेंचुरा के अनुसार पिछली अक्षय तृतीया की तिथि से अब तक सोने में 30% वृद्धि हुई है। 

Akshay Tritiya in Hindi: वेंचुरा की रिपोर्ट के अनुसार भौगोलिक दृष्टि से अक्षय तृतीया पर भारत में सोने की खपत का बड़ा हिस्सा दक्षिण भारत से आता है, जोकि कुल खपत का 40% है। इसके बाद पश्चिम भारत, फिर पूर्व भारत और सबसे अंत में उत्तर भारत का योगदान रहता है।

ग्राहकों के बीच ट्रेंड भी बदल रहा है। अब हल्के गहनों के स्थान पर भारी गहने खरीदे जा रहे हैं। पहले परंपरागत रूप से 2 सोवरन सोने के सिक्कों के खरीदने का प्रचलन था अब लोग 1 से 1.5 ही खरीद रहे हैं। साथ ही 14 और 18 कैरेट सोने की मांग भी बढ़ी है। 

वास्तविक सोना तो सत्य भक्ति है

Akshya Tritiya 2025: पूर्ण परमात्मा की सत्य भक्ति उजल हिरंबर अर्थात उजला सोना है। इस संसार का सब यहीं रह जाएगा, व्यक्ति का सांसों पर भी अधिकार नहीं है लेकिन उसकी नाम की कमाई, पुण्य की कमाई उसके साथ ही रहेगी। सच्चे मंत्रों का जाप व्यक्ति को दुनिया के सर्व सुख देता है और मोक्ष भी प्रदान करता है।

ऐसी भक्ति जो निरोगी करे, सुख दे, धन दे, संतान दे और मोक्ष भी दे वही श्रेष्ठ है। सबसे श्रेष्ठ परमात्मा हैं परमात्मा कबीर और उनकी भक्ति ही वास्तविक सोना है। साथ ही जब परमात्मा की कृपा साधक पर हो तब हर तिथि और हर घड़ी शुभ है अन्यथा उसे हानि होती ही है। सबकुछ परमात्मा की कृपा से ही संभव है।

रामनाम की लूट है, लूटि जा तो लूट |

पीछे फिर पछताएगा, प्राण जाहिंगे छूट ||

भक्ति बिना क्या होत है, भ्रम रहा संसार |

रति कंचन पाया नहीं, रावण चलती बार ||

कबीर, सब जग निर्धना, धनवन्ता ना कोए |

धनवन्ता सोई जानिए, जा पै राम नाम धन होय ||

ऐसे करें भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न

Akshay Tritiya 2025: मंत्र वे सिद्ध शब्द होते हैं जिनके जाप से ईश्वर को प्रसन्न कर वांछित फल की प्राप्ति की जा सकती है। मनुष्य का शरीर एक ब्रह्मांड की तरह है जिसमें मेरुदंड के की सीध में कमल बने हुए हैं। श्री ब्रह्मा जी, विष्णु जी और शिव जी इन्हीं कमलों में अपने स्थान पर शक्तियों के साथ विराजमान हैं। उचित मंत्रों के जाप से ये कमल खुल जाते हैं और साधक को लाभ मिलने लगता है। किंतु ये मंत्र गूढ़ हैं जिन्हें केवल तत्वदर्शी संत बता सकते हैं।

अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त: रामनाम का जाप तो जपना है लेकिन वे कौन से सिद्ध मंत्र हैं जिनका जाप करते ही शरीर के कमलों में स्थित देवता वांछित फल देने लगते हैं। ऐसे समय में यदि शास्त्रों का सहारा लिया जाए तो वेदों का सार कही जाने वाली गीता के अध्याय अध्याय 17 के श्लोक 23 में ओम , तत्, सत् तीन वास्तविक मंत्रों के जाप बताए गए हैं। उनके अतिरिक्त अन्य कोई मंत्रों का ज़िक्र श्रीमद्भागवत गीता या वेदों में प्राप्त नहीं होता। ये मंत्र सांकेतिक हैं जिन्हें तत्वदर्शी संत ही बता सकते हैं। 

यह भी देखें : गायत्री मंत्र के जाप से मोक्ष नहीं

उत्तम पुरूषः तु अन्यः परमात्मा इति उदाहृत: : गीता अध्याय 15 श्लोक 17

Akshay Tritiya: अक्षय तृतीया पर जानें कि भगवान विष्णु के अतिरिक्त पूर्ण परमात्मा कोई अन्य हैं। गीता के अध्याय 15। के श्लोक 17में कहा गया है कि उत्तम पुरुष तो अन्य ही है जो तीनों लोकों में प्रविष्ट होकर सबका धारण पोषण करता है। यदि कृष्ण होते तो तो उनके विषय में कहा जाता। किंतु तीन गुणों सतगुण, रजगुण और तमगुण के प्रधान ब्रह्माजी, विष्णु जी और शिव जी को नाशवान बताया गया है और उनकी भक्ति करने वाले श्रीमद्भगवत गीता के अध्याय 7 श्लोक 15 के अनुसार मनुष्यों में नीच, दूषित कर्म करने वाले बताए गए हैं। 

अतः श्रेयस्कर यही है कि तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की शरण ग्रहण करके शास्त्रों के गूढ़ जाएं को समझा जाए और उनसे मोक्ष की विधि और मंत्र लेकर अपना कल्याण करें। इससे इस लोक के सुखों की सिद्धि स्वतः ही हो जाएगी साथ ही मोक्ष प्राप्ति के बाद सतलोक की प्राप्ति होगी। अधिक जानकारी के लिए देखें कैसे लें संत रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा।

तीन गुणों की भक्ति में, भूल पड़ो संसार |

कहे कबीर निज नाम बिना, कैसे उतरे पार ||

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article World Asthma Day 2025: शिक्षा, जागरूकता और बेहतर सांसों की ओर एक वैश्विक कदम  World Asthma Day 2025: शिक्षा, जागरूकता और बेहतर सांसों की ओर एक वैश्विक कदम 
Next Article Vancouver Car Attack एसयूवी टक्कर में 11 मौतें, पुलिस ने आतंकी हमले से किया इनकार Vancouver Car Attack: एसयूवी टक्कर में 11 मौतें, पुलिस ने आतंकी हमले से किया इनकार
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

How to Find Investors: Strategic Techniques to Secure Funding

How to Find Investors: The quest for funding can often feel like an insurmountable challenge…

By SA News

Nobel Prize in Chemistry 2024 Awarded for Groundbreaking Work on Quantum Dots

The Nobel Prize in Chemistry 2024 has been awarded to Moungi Bawendi, Louis Brus, and…

By SA News

Environmental Balance with Trees: जीवन में पेड़ों का क्या महत्व है?

पेड़ों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। अगर पृथ्वी पर पेड़ नहीं होते, तो…

By SA News

You Might Also Like

Magh Mela 2026 in Prayagraj: Viral Sadhus, Major Snan Dates
Spirituality

Magh Mela 2026 in Prayagraj: Viral Sadhus, Major Snan Dates, Apps for Pilgrims and Record Footfall

By SA News
Dahi Handi 2024 । दही हांडी: श्रीकृष्ण की माखन चोरी की परंपरा और उत्सव का रहस्यमय सच
Spirituality

Dahi Handi 2024 । दही हांडी: श्रीकृष्ण की माखन चोरी की परंपरा और उत्सव का रहस्यमय सच

By SA News
सच्ची भक्ति बनाम अंधविश्वास: आध्यात्मिक जीवन में संतुलन की आवश्यकता
Spirituality

सच्ची भक्ति बनाम अंधविश्वास: आध्यात्मिक जीवन में संतुलन की आवश्यकता

By SA News
Renaissance A New Dawn of Art, Culture, and Ideas An Outline of History
ScienceSpirituality

Renaissance: A New Dawn of Art, Culture, and Ideas | An Outline of History

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.