SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » बांधवगढ़ में हाथियों की मौत से मचा हड़कंप, 10 हाथियों ने गंवाई जान

Local

बांधवगढ़ में हाथियों की मौत से मचा हड़कंप, 10 हाथियों ने गंवाई जान

SA News
Last updated: November 3, 2024 12:14 pm
SA News
Share
बांधवगढ़ में हाथियों की मौत से मचा हड़कंप, 10 हाथियों ने गंवाई जान
SHARE

Bandhavgarh Tiger Reserve पर मुख्य बिंदु:

1. 13 हाथियों के झुंड में से तीन दिनों के अंतराल में 10 हाथियों की मौत

Contents
  • Bandhavgarh Tiger Reserve पर मुख्य बिंदु:
  • तीन दिन के अंतराल में हुई 10 हाथियों की मौत
  • सीएम डॉक्टर मोहन यादव की सख्त कार्रवाई
  • कोदो कुटकी की फसल में बन गए थे माइक्रोटॉक्सिक 
  • कोदो की फसल को किया नष्ट 
  • FAQs about Bandhavgarh Tiger Reserve

2. मध्यप्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने मामले पर आपातकालीन बैठक में 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी

3. वन्य जीव संरक्षण को लेकर देशभर में चिंता, हाथियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

तीन दिन के अंतराल में हुई 10 हाथियों की मौत

उमरिया जिले के Bandhavgarh Tiger Reserve में हाल ही में अचानक हुई 10 हाथियों की मौत ने देशभर में वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर खलबली मचा दी है। जानकारी के मुताबिक यह घटना बीते मंगलवार (29 अक्टूबर) की है। 

भोपाल से आए APCCF वन्य जीव एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि हाथियों के इलाज के लिए बाहर से आए वेटनरी टीम ने पोस्टमार्टम के बाद हाथियों के पेट में काफी मात्रा में विषाक्त कोदो कुटकी पाया। 

सीएम डॉक्टर मोहन यादव की सख्त कार्रवाई

सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह घटना देशभर में वन्य जीव सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

कोदो कुटकी की फसल में बन गए थे माइक्रोटॉक्सिक 

जानकारी के मुताबिक, जंगल के अंदर खेतों में लगे कोदो-कुटकी में माइकोटॉक्सिन बन गए थे। डॉक्टरों ने हाथियों के पोस्टमार्टम के दौरान पेट के अंदर इंफेक्टेड कोदो पाया। ग्रामीणों का मानना है कि जिस खेत के कोदो की फसल में यदि नाग-नागिन का जोड़ा मेटिंग पीरियड में खेत में चला जाए या घूम जाए तो उतने एरिया की फसल ज़हरीली हो जाती है। वहीं टाइगर रिज़र्व प्रबंधन और वन्य जीव चिकित्सक भी ग्रामीणों की बात से इत्तेफ़ाक रखते नज़र आए। यह कारण है कि जिन हाथियों ने खेत की फसल खाई उनकी मौत हो गई और वो नहीं खाए बच गए।

कोदो की फसल को किया नष्ट 

पार्क प्रबंधन और एसटीएफ ने 10 हाथियों की मौत के बाद किसानों की 7 एकड़ एरिया में बोई हुई कोदो की फसल को ट्रैक्टर चलवा कर नष्ट कर दिया। साथ ही दूसरे कोई भी वन्य जीव या अन्य जानवर उक्त फसल को खाने से बचें इसके लिए उसे आग के हवाले कर दिया गया। 

FAQs about Bandhavgarh Tiger Reserve

1.माइकोटॉक्सिन क्या है?

माइकोटॉक्सिन एक प्राकृतिक विष है, जो फफूंदों द्वारा उत्पन्न होता है और भोजन में पाया जा सकता है। 

हाथियों की मौत का कारण क्या था?

हाथियों द्वारा माइकोटॉक्सिन युक्त कोदो कुटकी खाने के कारण उनमें जहरीले तत्व प्रवेश कर गए, जो उनकी मौत का संभावित कारण बना।

2. बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान कहां स्थित है?

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, जो 437 वर्ग किलोमीटर में फैला है, मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में स्थित एक प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य है। यह राष्ट्रीय उद्यान बाघों की अधिकतम सघनता के लिए प्रसिद्ध है।

3. बांधवगढ़ में हाथियों की मौत पर राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

राज्य सरकार ने इस गंभीर घटना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में आपातकालीन बैठक आयोजित की। अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है।

4. कोदो कुटकी क्या है?

कोदो कुटकी (Kodo Millet) एक प्रकार का अनाज है, जिसे वैज्ञानिक नाम Paspalum scrobiculatum के तहत वर्गीकृत किया जाता है। यह एक प्रमुख मोटे अनाज की फसल है जो मुख्य रूप से भारत के कुछ हिस्सों, खासकर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में उगाई जाती है। कोदो कुटकी का उपयोग विभिन्न खाद्य पदार्थों के निर्माण में किया जाता है।

5. हाथियों की मौत को कैसे रोका जा सकता था?

हाथियों की मौत का मुख्य कारण विषाक्त कोदो कुटकी का सेवन था, जिसमें माइकोटॉक्सिन नामक हानिकारक तत्व पाए गए थे। इसे रोकने के लिए किसानों और वन प्रबंधन को सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे कि फसल की नियमित निगरानी करना, फफूंद के संक्रमण से बचाव के लिए उचित कृषि प्रथाओं का पालन करना और वन्य जीवों के लिए सुरक्षित खाद्य स्रोत सुनिश्चित करना।

इसके अतिरिक्त, स्थानीय समुदाय को जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है ताकि वे जानवरों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें और ऐसी परिस्थितियों से बच सकें।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love1
Sad1
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article Ration Card New Rules 2024 भारत सरकार ने राशन कार्ड के नियमों में किए नए बदलाव Ration Card New Rules 2024: भारत सरकार ने राशन कार्ड के नियमों में किए नए बदलाव
Next Article Anantapur police recovered stolen smartphones worth 20 crores Anantapur police recovered stolen smartphones worth 20 crores
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

President Droupadi Murmu Confers khel Ratna 2024 Award to Manu Bhaker, Gukesh, Harmanpreet Singh, Praveen Kumar

khel Ratna 2024 Award: In a ceremony held at Rashtrapati Bhavan on January 17, 2025,…

By SA News

अब दिल्ली जल बोर्ड को इन कामों के लिए नहीं लेनी पड़ेगी कैबिनेट की अनुमति

दिल्ली सरकार ने हाल ही में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी)…

By SA News

डिजिटल अरेस्ट क्या है? जानें इसके खतरे और सुरक्षा के उपाय

डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) एक ऐसी स्थिति को संदर्भित करता है जिसमें किसी व्यक्ति की…

By SA News

You Might Also Like

बिहार जनगणना 2026: मुख्य बिंदु
Local

बिहार में जनगणना 2027 शुरू, 17 अप्रैल से ऑनलाइन स्व-गणना सुविधा लागू, पूरी प्रक्रिया डिजिटल और नागरिकों से सटीक जानकारी देने की अपील!

By SA News
मुंबई में नाव दुर्घटना हार्बर में स्पीडबोट टकराने से 13 की जान गई
Local

मुंबई में नाव दुर्घटना: हार्बर में स्पीडबोट टकराने से 13 की जान गई

By SA News
दिल्ली एयरपोर्ट ATC सिस्टम फेल: 800 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित, जानें कारण और असर।
Hindi NewsLocal

दिल्ली एयरपोर्ट ATC सिस्टम फेल: 800 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित, जानें कारण और असर

By SA News
यमुना सफाई मिशन 2582 करोड़ की योजना से बदलेगा यमुना नदी का स्वरूप
Local

यमुना सफाई मिशन: 2582 करोड़ की योजना से बदलेगा यमुना नदी का स्वरूप

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.