दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 को लेकर छात्र संगठनों के बीच चुनावी गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। इसी बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस घोषणापत्र में छात्रों की रोज़मर्रा की समस्याओं से लेकर पढ़ाई, सुरक्षित आवास, महिला सुरक्षा और भविष्य में रोज़गार के अवसरों तक कई मुद्दों पर पूरी करने के वादे किए है। ABVP ने अपने एजेंडे को चार प्रमुख आधारों ‘आवास’, ‘भागीदारी’, ‘विश्वास’ और ‘परिणाम’ के आसपास तैयार किया है।
- DUSU चुनाव 2026: मुख्य बिंदु
- सुरक्षित और मज़बूत छात्र आवास बनाना सबसे बड़ा मुद्दा
- दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षा पर विशेष ज़ोर
- छात्राओं की सुरक्षा के लिए पिंक बूथ से लेकर सेल्फ डिफेंस तक
- विश्वविद्यालय के फैसलों में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने का वादा
- परीक्षा और रिज़ल्ट में पारदर्शिता का मुद्दा
- AI और डिजिटल स्किल से छात्रों को करियर के लिए तैयार करने की वादा
- मानसिक स्वास्थ्य और ज़रूरतमंद विद्यार्थियों के लिए सहायता
- DUSU चुनाव में ABVP का पूरा फोकस छात्र सुविधाओं पर
- DUSU चुनाव में ABVP से जुड़े FAQs
DUSU चुनाव 2026: मुख्य बिंदु
1. ABVP ने DUSU चुनाव 2026 के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है।
2. नए हॉस्टल और सुरक्षित PG व्यवस्था को प्राथमिकता देने का वादा किया गया है।
3. महिला सुरक्षा के लिए पिंक बूथ, सुरक्षा व्यवस्था और आत्मरक्षा प्रशिक्षण पर ज़ोर दिया है।
4. AI और डिजिटल स्किल ट्रेनिंग के ज़रिए छात्रों को करियर के लिए तैयार करने की बात कही गई है।
5. इंटर्नशिप, रोज़गार मेले और परीक्षा सुधार से जुड़े कई प्रस्ताव घोषणापत्र में शामिल हैं।
6. मानसिक स्वास्थ्य, दिव्यांग छात्रों की सुविधाओं और छात्र भागीदारी को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया है।
सुरक्षित और मज़बूत छात्र आवास बनाना सबसे बड़ा मुद्दा
ABVP के घोषणापत्र में छात्र आवास को सबसे प्रमुख स्थान दिया गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली से बाहर के शहरों और राज्यों से आते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल या सुरक्षित PG की उपलब्धता लंबे समय से अहम समस्या रही है। संगठन ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय और उसके कॉलेजों में नए हॉस्टल बनाने का वादा किया है।
घोषणापत्र में प्रत्येक कॉलेज में छात्राओं के लिए अलग हॉस्टल की सुविधा बढ़ाने की बात कही गई है। इसके साथ ही एक Student Housing Cell और हेल्पलाइन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि विद्यार्थियों को रहने की जगह खोजने, शिकायत दर्ज कराने और आवास से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहायता मिल सके।
PG और हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर भी कई कदम प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें सुरक्षा ऑडिट, फायर सेफ्टी नियमों का पालन और छात्र आवास से जुड़े नियामकीय मानकों की जांच शामिल है। साथ ही हॉस्टल में स्वच्छता, पीने के पानी और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने पर भी ज़ोर दिया गया है।
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षा पर विशेष ज़ोर
इस घोषणापत्र में सुरक्षित आवास को प्राथमिकता दिए जाने के पीछे हालिया सत्य निकेतन हादसे का संदर्भ भी महत्वपूर्ण है। इस घटना में सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच छात्र शामिल थे। हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए उपलब्ध निजी PG और आवासों की सुरक्षा को लेकर सवाल और गंभीर हुए हैं।
ABVP ने इसी पृष्ठभूमि में PG और हॉस्टल के सुरक्षा मानकों की जांच, फायर सेफ्टी ऑडिट और बेहतर नियमन की बात रखी है। संगठन का प्रस्ताव है कि विद्यार्थियों को ऐसी जगह रहने के लिए मजबूर न होना पड़े जहां सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त न हो।
छात्राओं की सुरक्षा के लिए पिंक बूथ से लेकर सेल्फ डिफेंस तक
ABVP के घोषणापत्र में महिला सुरक्षा को भी प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। छात्राओं के लिए सुरक्षा गश्त बढ़ाने, पर्याप्त महिला सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था करने और कैंपस में बेहतर रोशनी सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
इसके अलावा पिंक बूथ, कॉमन रूम और सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन जैसी सुविधाओं को मजबूत करने का प्रस्ताव है। स्वास्थ्य केंद्रों में महिला विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्त्री-रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता और आत्मरक्षा प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की बात भी घोषणापत्र में शामिल है।
महिला सुरक्षा केवल सुरक्षा कर्मियों तक सीमित न रहे, इसके लिए शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को मजबूत करने और Internal Complaints Committee को अधिक प्रभावी बनाने का वादा किया गया है। जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई है।
विश्वविद्यालय के फैसलों में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने का वादा
घोषणापत्र के दूसरे प्रमुख आधार ‘भागीदारी’ के तहत ABVP ने विश्वविद्यालय के निर्णय लेने की प्रक्रिया में विद्यार्थियों की भूमिका बढ़ाने की बात कही है। संगठन का प्रस्ताव है कि छात्रों की आवाज़ Academic Council और Executive Council जैसे महत्वपूर्ण मंचों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचे।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए कैंपस को अधिक सुगम बनाने, सहायक तकनीक उपलब्ध कराने और हॉस्टल सीटों जैसी सुविधाओं को बेहतर करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही वंचित और अलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए Equal Opportunity Cells को मजबूत करने की बात कही गई है।
सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और सामाजिक भागीदारी को भी बढ़ावा देने का एजेंडा घोषणापत्र में रखा गया है।
परीक्षा और रिज़ल्ट में पारदर्शिता का मुद्दा
ABVP ने छात्रों की शैक्षणिक समस्याओं को भी अपने घोषणापत्र में प्रमुख जगह दी है। संगठन ने परीक्षा परिणाम समय पर जारी करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का वादा किया है।
विद्यार्थियों को अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाएं देखने की सुविधा, आंतरिक मूल्यांकन में पारदर्शिता और ज़रूरत के अनुसार Supplementary Examination की व्यवस्था जैसे प्रस्ताव इसमें शामिल हैं। इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया को अधिक विद्यार्थी-अनुकूल बनाने और डिग्री समय पर उपलब्ध कराने पर भी ज़ोर दिया गया है।
इन प्रस्तावों का उद्देश्य उन समस्याओं को कम करना है जिनके कारण रिज़ल्ट में देरी, मूल्यांकन को लेकर असमंजस और डिग्री मिलने में देरी जैसी परेशानियों का सामना छात्रों को करना पड़ता है।
AI और डिजिटल स्किल से छात्रों को करियर के लिए तैयार करने की वादा
इस बार घोषणापत्र में पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य के रोज़गार को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनाया गया है। ABVP ने छात्रों के लिए Artificial Intelligence और Digital Skills से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की बात कही है।
इसके साथ ही रोज़गार मेले आयोजित करने, कंपनियों और शोध संस्थानों के साथ साझेदारी बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को ट्रेनिंग और इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। संगठन ने Innovation और Entrepreneurship को बढ़ावा देने के लिए भी बेहतर वातावरण तैयार करने की बात कही है।
यानी घोषणापत्र में केवल विश्वविद्यालय की मौजूदा सुविधाओं को सुधारने की बात नहीं है, बल्कि छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद रोज़गार और करियर के लिए तैयार करने पर भी ज़ोर दिया गया है।
मानसिक स्वास्थ्य और ज़रूरतमंद विद्यार्थियों के लिए सहायता
घोषणापत्र में विद्यार्थियों की मानसिक और सामाजिक ज़रूरतों को भी शामिल किया गया है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी काउंसलिंग और जागरूकता सुविधाओं को मज़बूत करने का प्रस्ताव रखा गया है।
दिव्यांग विद्यार्थियों के अलावा ट्रांसजेंडर छात्रों और पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी विशेष सहायता और अवसर बढ़ाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय में अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए अधिक समान और सहयोगी माहौल तैयार करना बताया गया है।
DUSU चुनाव में ABVP का पूरा फोकस छात्र सुविधाओं पर
ABVP के घोषणापत्र को देखें तो इस बार संगठन ने कैंपस की बुनियादी जरूरतों और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को एक साथ चुनावी एजेंडे में रखा है। सुरक्षित आवास और महिला सुरक्षा तत्काल समस्याओं से जुड़े मुद्दे हैं, जबकि परीक्षा सुधार, AI ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और रोजगार जैसे वादे छात्रों के दीर्घकालिक करियर से जुड़े हैं।
DUSU चुनाव 18 सितंबर 2026 को होने हैं और परिणाम अगले दिन घोषित किए जाने हैं। ऐसे में ABVP का यह घोषणापत्र चुनावी मुकाबले में छात्रों के सामने अपना एजेंडा रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब चुनाव प्रचार के दौरान इन वादों पर छात्रों की प्रतिक्रिया और अन्य छात्र संगठनों के एजेंडे के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा।
DUSU चुनाव में ABVP से जुड़े FAQs
1. DUSU चुनाव 2026 में ABVP ने क्या वादे किए हैं?
ABVP ने नए हॉस्टल, सुरक्षित PG व्यवस्था, महिला सुरक्षा, AI ट्रेनिंग, रोजगार और परीक्षा सुधार जैसे कई वादे किए हैं।
2. ABVP ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए क्या योजना बनाई है?
पिंक बूथ, महिला सुरक्षा कर्मी, बेहतर रोशनी, सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग और सैनिटरी सुविधाएं बढ़ाने का प्रस्ताव है।
3. क्या ABVP छात्रों को AI और डिजिटल स्किल की ट्रेनिंग देगी?
हां, घोषणापत्र में AI और डिजिटल तकनीक से जुड़ी ट्रेनिंग देकर छात्रों को करियर और रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया है।
4. DUSU चुनाव 2026 में हॉस्टल को लेकर क्या बड़ा वादा है?
ABVP ने नए हॉस्टल विकसित करने और छात्राओं के लिए अलग एवं पर्याप्त हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया है।
5. ABVP ने परीक्षा और रोज़गार को लेकर क्या कहा है?
समय पर रिज़ल्ट, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, सप्लीमेंट्री परीक्षा, इंटर्नशिप, जॉब फेयर और करियर ट्रेनिंग जैसे सुधारों का वादा किया गया है।

