SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » 8 घंटे लगातार बैठकर काम करने के नुकसान और बचाव के उपाय

Lifestyle

8 घंटे लगातार बैठकर काम करने के नुकसान और बचाव के उपाय

SA News
Last updated: July 24, 2026 11:17 am
SA News
Share
8 घंटे लगातार बैठकर काम करने के नुकसान और बचाव के उपाय
SHARE

आज की भागदौड़ भरी और डिजिटल रूप से उन्नत दुनिया में, हमारी शारीरिक गतिविधियाँ सिमट कर रह गई हैं। हालिया वैश्विक और भारतीय स्वास्थ्य रिपोर्टों के अनुसार, समकालीन कामकाजी आबादी का एक बड़ा हिस्सा प्रतिदिन 8 से 10 घंटे केवल बैठकर बिता रहा है। चाहे वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की डेस्क जॉब हो, वर्क फ्रॉम होम (WFH) का ढांचा हो, या लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठे रहना हो-यह ‘सिटिंग डिजीज’ (Sitting Disease) आधुनिक जीवनशैली की एक अदृश्य लेकिन सबसे खतरनाक स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभरी है।

Contents
  • बैठकर काम करने की संस्कृति और शारीरिक गिरावट: शोध के मुख्य आंकड़े
    • गतिहीन जीवनशैली (Sedentary Lifestyle) के शारीरिक प्रभाव
  • आधुनिक बीमारियां और मानसिक स्वास्थ्य पर चोट
  • इस चुनौती से निपटने के व्यावहारिक उपाय 
    • 1.30-30 का नियम अपनाएं
    • 2. एर्गोनोमिक पोस्चर (Ergonomic Posture) बनाए रखें
    • 3. चलते-चलते कॉल अटेंड करें
    • 4. स्ट्रेचिंग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं
  • भौतिक आराम की अंधी दौड़ और शाश्वत आत्मिक शांति का मार्ग
  • आधुनिक जीवनशैली पर FAQs 

चिकित्सकीय विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कई घंटों तक बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए उतना ही हानिकारक है जितना कि धूम्रपान या अत्यधिक जंक फूड का सेवन।

बैठकर काम करने की संस्कृति और शारीरिक गिरावट: शोध के मुख्य आंकड़े

हाल ही में वर्ष 2026 में ग्लासगो विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित एक विस्तृत शोध (PLOS Medicine जर्नल) में यह पाया गया है कि दिन में लगातार 30 मिनट से अधिक समय तक बिना ब्रेक के बैठे रहने से कैंसर और चयापचय (Metabolism) से जुड़ी बीमारियों के कारण होने वाली मृत्यु का जोखिम 10% तक बढ़ जाता है। जब हम लगातार बैठते हैं, तो पैरों की बड़ी मांसपेशियों में विद्युत तरंगें निष्क्रिय हो जाती हैं, जिससे शरीर की वसा (Fat) और शर्करा (Sugar) को पचाने की क्षमता 90% तक घट जाती है।

बैठकर काम करने से शरीर के विभिन्न अंगों पर पड़ने वाले प्रभावों को निम्नलिखित तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है।

गतिहीन जीवनशैली (Sedentary Lifestyle) के शारीरिक प्रभाव

प्रभावित अंग/प्रणालीमुख्य समस्या (Health Issue)दीर्घकालिक परिणाम (Long-term Impact)
पाचन तंत्र (Digestion)जठराग्नि का धीमा होना, आंतों की धीमी गतिपुरानी कब्ज, गैस, एसिडिटी और अपच
लिवर (Liver)फैट का जमाव होना (Fatty Liver)इंसुलिन रेजिस्टेंस, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर
मस्कुलोस्केलेटल‘ग्लूटियल एम्नेशिया’ (कमर और नितंब की मांसपेशियों का कमजोर होना)साइटिका, स्लिप डिस्क, गर्दन और रीढ़ में पुराना दर्द
हृदय और रक्तसंचाररक्त का प्रवाह धीमा होना, धमनियों में प्लाक का जमनाउच्च रक्तचाप (Hypertension), हार्ट अटैक का खतरा

चिकित्सा विज्ञान में एक शब्द है जिसे ‘ग्लूटियल एम्नेशिया’ (Gluteal Amnesia) कहा जाता है। लगातार बैठने से हमारे शरीर के नितंबों (Glutes) की मांसपेशियां अपनी सक्रियता भूल जाती हैं, जिसके कारण पूरा भार निचली पीठ पर आ जाता है और यही रीढ़ की हड्डी के दर्द की मुख्य वजह बनता है।

Also Read: मानसून में स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें? जानिए जरूरी सावधानियां और दैनिक आदतें

आधुनिक बीमारियां और मानसिक स्वास्थ्य पर चोट

लंबे समय तक बैठकर काम करने का सीधा संबंध टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे से पाया गया है। जब शरीर गतिहीन होता है, तो इंसुलिन की संवेदनशीलता कम हो जाती है, जिससे रक्त में शुगर का स्तर अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगता है।

इसके अलावा, यह समस्या केवल शारीरिक स्तर तक सीमित नहीं है। फोर्टिस और गंगा राम अस्पताल के मनोचिकित्सकों के अनुसार, जो लोग दिन में 7 घंटे से अधिक समय बैठकर बिताते हैं, उनमें अवसाद (Depression) और अत्यधिक चिंता (Anxiety) का स्तर सक्रिय लोगों की तुलना में कहीं अधिक देखा गया है। लगातार स्क्रीन को देखना और शारीरिक रूप से जड़ बने रहना मस्तिष्क को “थका हुआ लेकिन उत्तेजित” (Tired but Wired) कर देता है, जिससे रात की नींद की गुणवत्ता भी बुरी तरह प्रभावित होती है।

इस चुनौती से निपटने के व्यावहारिक उपाय 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जिम में एक घंटा बिताना पूरे दिन की गतिहीनता के नुकसान को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकता। इसके लिए आपको अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे “मूवमेंट स्नैक्स” (Movement Snacks) शामिल करने होंगे।

image 16

1.30-30 का नियम अपनाएं

अपने फोन या कंप्यूटर में एक टाइमर लगाएं। हर 30 मिनट के बाद अपनी सीट से उठें और कम से कम 2 से 3 मिनट के लिए खड़े हों या थोड़ा टहलें।

2. एर्गोनोमिक पोस्चर (Ergonomic Posture) बनाए रखें

बैठते समय हमेशा 90-90-90 का नियम याद रखें। आपके घुटने, कूल्हे और कोहनी सभी 90-डिग्री के कोण पर होने चाहिए। स्क्रीन का ऊपरी हिस्सा आपकी आंखों के समानांतर होना चाहिए।

Also Read: स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक और आध्यात्म: आधुनिक चिकित्सा और मानसिक शांति का संगम

3. चलते-चलते कॉल अटेंड करें

जब भी आपके पास कोई ऐसा फोन कॉल आए जिसमें आपको स्क्रीन देखने या लिखने की आवश्यकता नहीं है, तो खड़े हो जाएं और कमरे या केबिन के चक्कर लगाते हुए बात करें।

4. स्ट्रेचिंग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं

लंबे समय के काम के बीच अपनी गर्दन को धीरे-धीरे चारों दिशाओं में घुमाएं, कलाइयों को स्ट्रेच करें और कंधों को पीछे की ओर रोल करें ताकि रक्त संचार सुचारू रूप से चलता रहे।

भौतिक आराम की अंधी दौड़ और शाश्वत आत्मिक शांति का मार्ग

आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं और वातानुकूलित केबिनों में आरामदायक कुर्सियों को ही जीवन की अंतिम उपलब्धि मान बैठा है। संत रामपाल जी महाराज अपने आध्यात्मिक प्रवचनों में समझाते हैं कि यह नश्वर मानव शरीर हमें केवल संसार की सुख-सुविधाओं की गुलामी करने के लिए नहीं, बल्कि उस पूर्ण परमात्मा (कविर्देव) की सत्य साधना करके इस जन्म-मरण के चक्रव्यूह से मुक्ति पाने के लिए मिला है। कबीर साहेब की वाणी कहती है:

   कबीर, मानुष जन्म दुर्लभ है, मिले न बारम्बार। 

   तरुवर से पत्ता टूट गिरे, बहुरि न लगता डार।। 

आज के समय में जब मनुष्य मानसिक और शारीरिक रोगों से चारों तरफ से घिर चुका है, तब केवल पूर्ण संत की शरण ही एकमात्र सहारा है। संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा प्रदान की जाने वाली शास्त्रसम्मत भक्ति से न केवल आत्मा का उद्धार होता है, बल्कि मानसिक तनाव दूर होता है, शारीरिक कष्टों का निवारण होता है और जीवन में सच्ची स्थिरता आती है। जब हम मर्यादा में रहकर सत्य साधना करते हैं, तो हमारे चक्र और प्राण ऊर्जा संतुलित होती है, जिससे इस कलयुग के माहौल में भी सहज, स्वस्थ और आनंदमयी जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है। अधिक जानकारी और प्रामाणिक आध्यात्मिक ज्ञान के लिए संत रामपाल जी महाराज जी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर विज़िट करें।

आधुनिक जीवनशैली पर FAQs 

प्रश्न 1: लगातार बैठने को ‘नया धूम्रपान’ (New Smoking) क्यों कहा जा रहा है?  

उत्तर: चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बैठकर काम करने से हृदय रोग, मधुमेह (डायबिटीज) और समय से पूर्व मृत्यु का खतरा उसी अनुपात में बढ़ता है, जिस अनुपात में अत्यधिक धूम्रपान करने से बढ़ता है। इसीलिए इसे ‘सिटिंग डिजीज’ या नया स्मोकिंग कहा जाता है।

प्रश्न 2: प्रतिदिन कितने घंटे से अधिक बैठना सेहत के लिए अत्यधिक हानिकारक माना जाता है?  

उत्तर: विभिन्न स्वास्थ्य अध्ययनों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति दिन में लगातार 6 से 8 घंटे या उससे अधिक समय बिना किसी सक्रिय शारीरिक गतिविधि के बैठकर बिताता है, तो उसकी सेहत पर इसके गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगते हैं।

प्रश्न 3: क्या सुबह 1 घंटा वर्कआउट करने से दिनभर बैठने के नुकसान पूरी तरह खत्म हो जाते हैं?  

उत्तर: नहीं, नए शोधों से स्पष्ट हुआ है कि सुबह का एक घंटे का व्यायाम दिनभर के 8-10 घंटे की लगातार निष्क्रियता के प्रभाव को पूरी तरह से निष्क्रिय (Offset) नहीं कर पाता। इसलिए हर आधे घंटे में छोटे-छोटे वॉक ब्रेक लेना अनिवार्य है।

प्रश्न 4: एर्गोनोमिक सिटिंग पोस्चर का ’90-90-90 नियम’ क्या है?  

उत्तर: इस नियम के तहत जब आप कुर्सी पर बैठते हैं, तो आपके पैर जमीन पर सपाट होने चाहिए जिससे आपके घुटने 90 डिग्री पर हों, आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए जिससे आपके कूल्हे 90 डिग्री पर हों, और आपके हाथ डेस्क पर इस तरह होने चाहिए जिससे आपकी कोहनी भी 90 डिग्री का कोण बनाए।

प्रश्न 5: लंबे समय तक बैठने से लिवर पर क्या प्रभाव पड़ता है?  

उत्तर: अधिक देर बैठने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहद धीमा हो जाता है, जिससे शरीर अतिरिक्त वसा और शुगर को प्रोसेस नहीं कर पाता। परिणामतः वह वसा लिवर में जमा होने लगती है, जो भविष्य में ‘फैटी लिवर’ (Fatty Liver Disease) की समस्या को जन्म देती है।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article दिल्ली में स्थायी प्रोटेस्ट जोन की मांग, व्यापारियों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र दिल्ली में स्थायी प्रोटेस्ट जोन की मांग, व्यापारियों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
Next Article संत रामपाल जी महाराज से हिंडौन विधायक अनीता जाटव ने की मुलाकात: जलभराव का हो गया समाधान संत रामपाल जी महाराज से हिंडौन विधायक अनीता जाटव ने की मुलाकात: जलभराव का हो गया समाधान
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

How To Deal With Uncertainty?

Uncertainty is inevitable in life. Not knowing what lies ahead in our careers, relationships, or…

By SA News

Ludaas Village of Hisar, Haryana Receives Flood Relief Materials From Sant Rampalji Maharaj

HISAR, HARYANA – Sant Rampalji Maharaj has extended His massive flood relief campaign to the…

By SA News

Vinesh Phogat: जानिए कुश्ती के खेल में एक अलग पहचान बनाने वाली धाकड़ गर्ल विनेश फोगाट के बारे में

खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाली धाकड़ गर्ल विनेश फोगाट आज किसी परिचय…

By SA News

You Might Also Like

How to Create a Budget You Can Actually Stick To
FinanceLifestyle

How to Create a Budget You Can Actually Stick To

By SA News
The Unhappy Generation: Why Today’s Kids Are Struggling More Than Ever
Lifestyle

The Unhappy Generation: Why Today’s Kids Are Struggling More Than Ever

By SA News
सुबह की सैर (Morning Walk) के चमत्कारी फायदे
Lifestyle

सुबह की सैर (Morning Walk) के चमत्कारी फायदे

By SA News
फोकस बढ़ाएं, याददाश्त सुधारें: Microlearning के फायदे
Lifestyle

फोकस बढ़ाएं, याददाश्त सुधारें: Microlearning के फायदे

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.