Indian Army New Uniform Code: भारतीय सेना ने अपनी आधिकारिक ड्रेस परंपराओं में बड़ा बदलाव करते हुए अंग्रेजों के(Colonial) दौर से चली आ रही कई परंपराओं को समाप्त करने का फैसला किया है। नई यूनिफॉर्म नीति के तहत अधिकारियों के लिए बंदी जैकेट (Bandi Jacket) को औपचारिक पोशाक का हिस्सा बनाया गया है।
इस बदलाव को भारतीय सैन्य परंपराओं को अधिक स्वदेशी स्वरूप देने और अंग्रेजों केविरासत से दूरी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारतीय सेना ने क्या बदलाव किए हैं?
नई ड्रेस नीति के अनुसार भारतीय सेना की कुछ औपचारिक पोशाकों में बदलाव किया गया है।
मुख्य बदलावों में शामिल हैं:
- अंग्रेजों केशैली की कुछ औपचारिक ड्रेस परंपराओं को हटाना।
- भारतीय पारंपरिक परिधान से प्रेरित बंदी जैकेट को शामिल करना।
- औपचारिक सैन्य आयोजनों में अधिक भारतीय पहचान को बढ़ावा देना।
- यूनिफॉर्म को आधुनिक और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप बनाना।
बंदी जैकेट क्या है?
बंदी जैकेट एक पारंपरिक भारतीय औपचारिक परिधान है, जिसे नेहरू जैकेट के नाम से भी जाना जाता है। यह बिना कॉलर वाली या स्टैंड कॉलर वाली छोटी जैकेट होती है, जिसका उपयोग लंबे समय से औपचारिक अवसरों पर किया जाता रहा है।
भारत के कई राजनीतिक नेताओं, राजनयिकों और अधिकारियों द्वारा भी यह परिधान पहना जाता रहा है।
अंग्रेजों केपरंपराओं को हटाने का उद्देश्य क्या है?
भारतीय सेना का यह कदम देश की सैन्य विरासत को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की व्यापक पहल का हिस्सा माना जा रहा है।
इसका उद्देश्य:
- भारतीय पहचान को मजबूत करना।
- अंग्रेजों केविरासत से दूरी बनाना।
- सैन्य परंपराओं में स्वदेशी तत्वों को बढ़ावा देना।
- आधुनिक भारत की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करना।
क्या युद्धक यूनिफॉर्म में कोई बदलाव हुआ है?
नहीं। यह बदलाव मुख्य रूप से औपचारिक और समारोहों में पहनी जाने वाली ड्रेस से संबंधित है।
सैनिकों की युद्धक (Combat) यूनिफॉर्म या परिचालन पोशाक में इस निर्णय के तहत कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया गया है।
भारतीय सेना में पहले भी हुए हैं बदलाव
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सेना ने कई आधुनिक सुधार किए हैं।
इनमें शामिल हैं:
- नई डिजिटल कॉम्बैट यूनिफॉर्म
- आधुनिक छलावरण (Camouflage) डिजाइन
- महिला अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी
- स्वदेशी सैन्य उपकरणों को बढ़ावा
- सैन्य आधुनिकीकरण और संयुक्त कमान सुधार
नई ड्रेस नीति को भी इन्हीं सुधारों की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?
भारतीय सेना केवल एक सैन्य संस्था नहीं बल्कि देश की परंपराओं और राष्ट्रीय पहचान का भी प्रतीक है।
ऐसे में औपचारिक ड्रेस में भारतीय तत्वों को शामिल करना सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह निर्णय आत्मनिर्भर भारत और भारतीयकरण (Indianisation) की व्यापक सोच से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
निष्कर्ष
भारतीय सेना द्वारा अंग्रेजों केदौर की ड्रेस परंपराओं को समाप्त कर बंदी जैकेट को अपनाने का निर्णय केवल पोशाक बदलने तक सीमित नहीं है। यह भारतीय सैन्य विरासत को अधिक स्वदेशी पहचान देने और सांस्कृतिक मूल्यों को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आने वाले समय में सेना के अन्य औपचारिक प्रोटोकॉल और परंपराओं में भी भारतीय संस्कृति के अनुरूप बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
FAQs
भारतीय सेना ने यूनिफॉर्म में क्या बदलाव किया है?
भारतीय सेना ने औपचारिक ड्रेस कोड में बंदी जैकेट को शामिल किया है और कुछ अंग्रेजों केपरंपराओं को समाप्त किया है।
बंदी जैकेट क्या होती है?
यह भारतीय पारंपरिक औपचारिक जैकेट है जिसे नेहरू जैकेट भी कहा जाता है।
क्या सैनिकों की कॉम्बैट यूनिफॉर्म बदली गई है?
नहीं, यह बदलाव केवल औपचारिक ड्रेस कोड से संबंधित है।
सेना ने यह बदलाव क्यों किया?
भारतीय सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने और अंग्रेजों केविरासत से दूरी बनाने के उद्देश्य से।
क्या भविष्य में और बदलाव हो सकते हैं?
भारतीयकरण और सैन्य आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के तहत भविष्य में अन्य औपचारिक बदलाव भी संभव माने जा रहे हैं।

