भारत को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में ग्लोबल पावर बनाने के प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन में अब दिल्ली सरकार भी पूरी ताकत से जुड़ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने एक विशेष “दिल्ली सेमीकंडक्टर पॉलिसी” (Delhi Semiconductor Policy) का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राजधानी को सेमीकंडक्टर डिजाइन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और असेंबली के लिए एक प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत टेक स्टार्टअप्स को भारी वित्तीय सहायता (कैपिटल सब्सिडी) और अनुकूल बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।
चिप डिज़ाइन और स्टार्टअप्स का ग्लोबल हब बनेगी दिल्ली से जुड़े मुख्य बिंदु:
- दिल्ली सरकार अरबों डॉलर वाली चिप फैब्रिकेशन यूनिट्स के बजाय कम लागत वाले ‘चिप डिजाइन’ (Fabless Design) और इनोवेशन पर फोकस करेगी।
- नई पॉलिसी को 5 प्रमुख पिलर्स (Pillars) के इर्द-गिर्द बुना गया है, जो डिजाइन से लेकर पैकेजिंग तक के इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे।
- टेक स्टार्टअप्स और एमएसएमई (MSME) को व्यापार में आसानी के लिए कैपिटल सब्सिडी और ऑपरेशनल लागत में छूट दी जाएगी।
- ATMP (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) तथा OSAT कंपनियों को दिल्ली में विशेष निवेश प्रोत्साहन मिलेगा।
- युवाओं के लिए चिप डिज़ाइनिंग और एडवांस पैकेजिंग के क्षेत्र में हजारों नई हाई-क्वालिटी नौकरियां पैदा होंगी।
Fact Check और लेटेस्ट अपडेट (25 अप्रैल 2026)
- ज़ी न्यूज़ के अलावा इंडियन एक्सप्रेस और टाइम्स ऑफ इंडिया की हालिया रिपोर्ट्स की जब हमने क्रॉस-चेकिंग की, तो पॉलिसी के ब्लूप्रिंट की खबरें 100 प्रतिशत सटीक पाई गईं।
- वर्तमान स्थिति: सरकार ने 2026-27 के बजट में इस नीति की घोषणा की थी और अब इसके ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
- लेटेस्ट अपडेट (24 अप्रैल 2026): टेक इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने शहर के दो कॉलेजों में 20-20 करोड़ रुपये की लागत से दो ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की भी मंजूरी दे दी है। ये सेंटर सीधे तौर पर सेमीकंडक्टर पॉलिसी को सपोर्ट करेंगे, जहां अगले चार सालों में 100 से अधिक नए स्टार्टअप्स को तैयार किया जाएगा और 7,000 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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पॉलिसी के 5 प्रमुख पिलर्स (5 Key Pillars)
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट इन पांच मजबूत स्तंभों पर खड़ा है:
1.सेमीकंडक्टर डिजाइन और बौद्धिक संपदा (IP) का विकास: नई तकनीकों और सॉफ्टवेयर डिजाइन को बढ़ावा देना।
2. रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (R&D):शैक्षणिक संस्थानों और इंडस्ट्री के बीच तालमेल बिठाना।
3. मैन्युफैक्चरिंग एनेबलिंग एक्टिविटीज: बड़ी मशीनों की बजाय ATMP और OSAT जैसी आउटसोर्सिंग असेंबली यूनिट्स को आकर्षित करना।
4.सहायक उद्योगों का विकास: पैकेजिंग और टेस्टिंग से जुड़े छोटे उद्योगों को सब्सिडी देकर मजबूत करना।
5.टैलेंट डेवलपमेंट और स्किलिंग: इंटर्नशिप और विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के जरिए युवाओं को इंडस्ट्री के लिए तैयार करना।
दिल्ली में ही क्यों? (स्मार्ट और फैबलेस रणनीति)
सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि सेमीकंडक्टर चिप्स (वेफर) बनाने वाली असली ‘फैब’ (Fab) यूनिट्स में भारी जमीन, पानी और अरबों डॉलर के निवेश की जरूरत होती है, जो दिल्ली की भौगोलिक स्थिति के अनुकूल नहीं है। इसलिए, दिल्ली की यह पॉलिसी उन कंपनियों (Fabless) पर फोकस करेगी जो केवल ‘चिप डिज़ाइन’ करती हैं। दिल्ली के पास पहले से ही बेहतरीन आईटी (IT) टैलेंट और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो इसे डिज़ाइन और इनोवेशन का ग्लोबल लीडर बनाने के लिए काफी है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ तालमेल
यह नई नीति केंद्र सरकार के 10 बिलियन डॉलर वाले ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन‘ (ISM) के साथ पूरी तरह से सिंक की गई है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य राष्ट्रीय पहलों का लाभ उठाते हुए ग्लोबल निवेशकों का ध्यान राजधानी की ओर खींचना है ताकि आयात पर निर्भरता खत्म हो सके।
FAQs about Delhi Semiconductor Policy 2026
Q1. दिल्ली सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026 का मुख्य फोकस क्या है?
Ans: इस पॉलिसी का मुख्य फोकस दिल्ली में ‘चिप फैब्रिकेशन’ की बजाय ‘चिप डिजाइन’ (Fabless Design), R&D, और एडवांस पैकेजिंग का इकोसिस्टम तैयार करना है।
Q2. इस पॉलिसी में टेक स्टार्टअप्स को क्या फायदा मिलेगा?
Ans: सरकार स्टार्टअप्स को कैपिटल सब्सिडी, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और बिजनेस चलाने की लागत (Operational Cost) को कम करने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय इन्सेंटिव देगी।
Q3. ATMP और OSAT क्या हैं, जिन्हें सरकार बढ़ावा दे रही है?
Ans: ATMP (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) और OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग) वे कंपनियां हैं जो कच्ची चिप्स को फाइनल प्रोडक्ट में तब्दील करने का काम करती हैं।
Q4. दिल्ली के युवाओं को इस नीति से क्या लाभ होगा?
Ans: इसके तहत इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग और इंटर्नशिप के विशेष प्रोग्राम चलाए जाएंगे, जिससे चिप डिज़ाइन और सेमीकंडक्टर रिसर्च के क्षेत्र में हज़ारों नई नौकरियां पैदा होंगी।
Q5. सरकार ने हाल ही में टेक स्टार्टअप्स के लिए कौन सा नया कदम उठाया है?
Ans: सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में दिल्ली सरकार ने 40 करोड़ रुपये की लागत से दो नए ‘AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ खोलने का ऐलान किया है, जो स्टार्टअप्स को ट्रेनिंग और फंड देंगे।

