पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं,।
इसी क्रम में अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी की बनेगी और मुख्यमंत्री पद किसी बड़े नेता को नहीं बल्कि पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता को दिया जाएगा, जिससे राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री चेहरे पर स्पष्ट संकेत
अमित शाह ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कोई बाहरी व्यक्ति नहीं होगा, बल्कि वह इसी राज्य में जन्मा, यहीं पला-बढ़ा और बंगाली भाषा तथा संस्कृति को समझने वाला व्यक्ति होगा।
इस बयान के माध्यम से उन्होंने ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए उस आरोप का जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि भारतीय जनता पार्टी बाहरी नेताओं को राज्य पर थोपना चाहती है।
ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार
अपने संबोधन में अमित शाह ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य की जनता अब परिवर्तन चाहती है और लंबे समय से चली आ रही वर्तमान सरकार से परेशान हो चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब सत्ता किसी परिवार या विशेष वर्ग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक सामान्य कार्यकर्ता को भी नेतृत्व का अवसर मिलेगा, जो जनता के बीच से उठकर आया हो।
महिलाओं की सुरक्षा बना प्रमुख विषय
अमित शाह ने महिलाओं की सुरक्षा को चुनाव का प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ऐसी स्थिति बनाई जाएगी कि महिलाएं दिन हो या रात, किसी भी समय बिना भय के बाहर निकल सकें, उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई है।
भ्रष्टाचार और गिरोह राज पर प्रहार
उन्होंने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और कथित गिरोह तंत्र पर भी निशाना साधा और कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
व्यापारियों और आम नागरिकों को किसी प्रकार के अवैध दबाव या वसूली का सामना नहीं करना पड़ेगा और प्रशासन को पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाया जाएगा।
घुसपैठ और तुष्टीकरण पर कड़ा रुख
अमित शाह ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य पश्चिम बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना है और इसके लिए सीमाओं को सख्त किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने तुष्टीकरण की राजनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार का काम सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करना है, न कि किसी विशेष वर्ग को लाभ पहुंचाना।
पहले चरण के मतदान पर दावा
उन्होंने चुनाव के पहले चरण में हुए मतदान को लेकर भी बड़ा दावा किया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी को 110 से अधिक स्थानों पर बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अंतिम परिणाम आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे, लेकिन उनके अनुसार जनता का रुझान परिवर्तन की ओर साफ दिखाई दे रहा है।
अंग, बंग और कलिंग की रणनीति
अमित शाह ने अपने भाषण में पूर्वी भारत के व्यापक राजनीतिक दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया और कहा कि आने वाले समय में अंग, बंग और कलिंग जैसे क्षेत्रों में उनकी पार्टी की सरकारें बनेंगी, यह बयान केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं बल्कि पूरे पूर्वी भारत में राजनीतिक विस्तार की रणनीति को दर्शाता है।
क्या बदलेगा बंगाल का सियासी समीकरण
पश्चिम बंगाल का यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं बल्कि राज्य की राजनीति की दिशा तय करने का भी चुनाव माना जा रहा है।
एक ओर भारतीय जनता पार्टी परिवर्तन और विकास का दावा कर रही है तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस अपनी उपलब्धियों के आधार पर जनता का विश्वास बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
ऐसे में अंतिम निर्णय जनता के मत पर निर्भर करेगा और चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

