पंजाब के विभिन्न जिलों से आई हजारों आशा वर्कर्स और चंडीगढ़ पुलिस के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने लगीं, जिससे माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
- सुबह से ही बॉर्डर पर जुटने लगी थीं हजारों महिलाएं
- सरकार पर अनदेखी का आरोप
- स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका
- सीएम आवास की ओर बढ़ने पर पुलिस ने रोका
- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल
- प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की की घटनाएं
- आंदोलन तेज करने की चेतावनी
- प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का दिया हवाला
- प्रदर्शन के कारण यातायात भी हुआ प्रभावित
सुबह से ही बॉर्डर पर जुटने लगी थीं हजारों महिलाएं
सुबह के समय से ही पंजाब और चंडीगढ़ की सीमा पर आशा वर्कर्स का जुटना शुरू हो गया था। समय के साथ यह संख्या तेजी से बढ़ती गई और दोपहर तक पंजाब के लगभग सभी जिलों से हजारों महिलाएं प्रदर्शन में शामिल हो गईं। इन महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
प्रदर्शन कर रही आशा वर्कर्स का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उनका आरोप है कि कई बार बातचीत और आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका
आशा वर्कर्स ने कहा कि वे ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वे घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देती हैं, टीकाकरण अभियान में सहयोग करती हैं और कई सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करने में मदद करती हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
सीएम आवास की ओर बढ़ने पर पुलिस ने रोका
जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की। बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लगाई गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। पानी की तेज धार चलाए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों को कुछ दूरी तक पीछे हटना पड़ा। हालांकि इसके बाद भी कई महिलाएं वहीं बैठकर विरोध प्रदर्शन करती रहीं।
प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की की घटनाएं
इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की भी खबरें सामने आईं। हालांकि पुलिस ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में लेने की कोशिश की और किसी भी बड़ी घटना को होने से रोक दिया।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि आने वाले समय में राज्य के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए जा सकते हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का दिया हवाला
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी कारण प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रदर्शन के कारण यातायात भी हुआ प्रभावित
दिनभर चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ। कई सड़कों पर जाम लग गया और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। बाद में प्रशासन ने धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की।

