CBSE Class 12 Improvement Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं और 10वीं की परीक्षाएं जारी हैं। इस बीच छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अक्सर बोर्ड परीक्षा में किसी एक विषय का पेपर खराब होने पर छात्रों को यह चिंता सताती है कि उनका कुल प्रतिशत गिर जाएगा। लेकिन अब सीबीएसई ने इसका स्थायी समाधान कर दिया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्पष्ट किया है कि 12वीं कक्षा के छात्र अपना साल बर्बाद किए बिना उसी शैक्षणिक सत्र में किसी एक विषय में अपने अंक सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।
CBSE Class 12 Improvement Exam 2026 से जुड़े मुख्य बिंदु
- 12वीं के छात्र अब सप्लीमेंट्री परीक्षा के दौरान किसी एक विषय का दे सकते हैं, इंप्रूवमेंट एग्ज़ाम।
- पहले अंक सुधारने के लिए छात्रों को अगले साल की बोर्ड परीक्षा का करना पड़ता था, इंतज़ार।
- मुख्य और इंप्रूवमेंट परीक्षा में से जिसमें भी अंक ज़्यादा होंगे, उसे ही माना जाएगा फाइनल।
कैसे काम करता है यह नियम?
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार, बोर्ड का उद्देश्य छात्रों पर से परीक्षा का खौफ खत्म करना है। यदि किसी छात्र को लगता है कि फिज़िक्स, मैथ्स या अकाउंट्स जैसे किसी भी एक विषय में उसकी तैयारी या उम्मीद के हिसाब से कम अंक आए हैं, तो वह जुलाई के महीने में आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षाओं के दौरान, उस एक विषय की परीक्षा दोबारा दे सकता है। इसके लिए रिज़ल्ट आने के बाद अलग से फॉर्म भरना होता है।
मार्कशीट में कौन से अंक जुड़ेंगे?
छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर इंप्रूवमेंट परीक्षा में अंक मुख्य परीक्षा से भी कम हो गए तो क्या होगा? बोर्ड ने इसका बहुत ही छात्र-हितैषी समाधान निकाला है। नियम के मुताबिक, मुख्य परीक्षा और इंप्रूवमेंट परीक्षा दोनों के अंकों की तुलना की जाएगी। जिस भी परीक्षा में छात्र के अंक अधिक होंगे, ‘बेस्ट ऑफ टू’ के आधार पर वही अंक फाइनल मार्कशीट में दर्ज किए जाएंगे।
10वीं और 12वीं के नियमों में अंतर
ध्यान देने वाली बात यह है कि अंक सुधारने का यह नियम 10वीं और 12वीं के लिए अलग-अलग है। 12वीं कक्षा के छात्र केवल एक विषय में इंप्रूवमेंट परीक्षा दे सकते हैं। वहीं, 10वीं कक्षा के छात्रों को अपने परिणाम सुधारने के लिए अधिकतम दो विषयों में परीक्षा देने की अनुमति दी जाती है।
उच्च शिक्षा और सीयूईटी में मिलेगी मदद
पहले इंप्रूवमेंट एग्जाम अगले साल मुख्य परीक्षाओं के साथ आयोजित होते थे। इससे छात्रों का कॉलेज एडमिशन एक साल के लिए रुक जाता था। अब जुलाई में परीक्षा होने और अगस्त की शुरुआत तक परिणाम आने से छात्र उसी शैक्षणिक सत्र में अच्छे अंकों के साथ यूनिवर्सिटीज़ में दाखिला ले सकेंगे।
FAQs about CBSE Class 12 Improvement Exam 2026:
12वीं के छात्र कितने विषयों में इंप्रूवमेंट एग्जाम दे सकते हैं?
12वीं के छात्र उसी वर्ष केवल एक विषय में इंप्रूवमेंट एग्जाम दे सकते हैं।
10वीं के छात्रों को कितने विषयों में अंक सुधारने का मौका मिलेगा?
10वीं कक्षा के छात्र अधिकतम दो विषयों में इंप्रूवमेंट परीक्षा दे सकते हैं।
अगर इंप्रूवमेंट एग्ज़ाम में अंक कम आए तो कौन से अंक मान्य होंगे?
दोनों परीक्षाओं में से जिसमें भी ज़्यादा अंक होंगे, वही फाइनल मार्कशीट में माने जाएंगे।
यह इंप्रूवमेंट परीक्षा कब आयोजित होती है?
यह परीक्षा मुख्य परिणाम घोषित होने के बाद जुलाई महीने में सप्लीमेंट्री परीक्षाओं के साथ आयोजित की जाती है।
क्या इंप्रूवमेंट परीक्षा की मार्कशीट अलग से मिलती है?
हां, सीबीएसई द्वारा अपडेटेड अंकों के साथ एक नई समेकित मार्कशीट जारी की जाती है।

