India AI Impact Summit 2026: भारत एक ऐसे दौर में प्रवेश कर चुका है जहाँ तकनीक केवल सुविधा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की धुरी बनती जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज दुनिया की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा और उद्योग को नई दिशा दे रहा है। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर AI को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है, भारत ने भी संकेत दे दिया है कि वह इस दौड़ में पीछे रहने वाला नहीं है।
युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार
भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में से एक है। यही युवा शक्ति अब AI क्रांति की नींव बनने वाली है। दो करोड़ युवाओं को AI और उससे जुड़े क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने की योजना इस बदलाव का केंद्र है। यह ट्रेनिंग केवल कोडिंग सिखाने तक सीमित नहीं होगी। इसमें डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और उभरती तकनीकों की समझ शामिल होगी। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और इंडस्ट्री पार्टनरशिप के माध्यम से युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी बनाने पर जोर रहेगा।
ऐतिहासिक उद्घाटन और “MANAV विजन”
19 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 ने तकनीक और मानवता के संगम का एक नया अध्याय लिखा। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सुबह 9:40 बजे सम्मेलन का उद्घाटन किया और दुनिया को भारत का “MANAV विजन” प्रस्तुत किया।
वैश्विक सहभागिता और नेतृत्व
इस ऐतिहासिक मंच पर 100+ देशों के प्रतिनिधि, कई राष्ट्राध्यक्ष और मंत्री, संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी, दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों के CEO और विशेषज्ञ शामिल हुए । फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और अन्य वैश्विक नेता भी भारत की AI क्षमताओं और नेतृत्व की दिशा की सराहना करने पहुंचे।
वैश्विक कंपनियों का भारत में निवेश
समिट ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत AI में विश्व स्तर पर नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
- गूगल (Google): भारत में सब-सी केबल और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निवेश
- माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft): ग्लोबल साउथ में $50 बिलियन निवेश और भारतीयों को AI प्रशिक्षण
- क्वालकॉम (Qualcomm): स्टार्टअप्स और नवाचार केंद्रों में $150 मिलियन का निवेश
- एनवीडिया (Nvidia) और योट्टा (Yotta): AI चिप्स और हार्डवेयर में $2 बिलियन से अधिक खर्च
इन निवेशों से भारत AI नवाचार और तकनीकी कौशल का वैश्विक केंद्र बन रहा है।
भारत की AI में नई दिशा
- शिक्षा: AI आधारित प्लेटफॉर्म जैसे “जियो शिक्षक” से शिक्षा हर बच्चे तक पहुँच रही है।
- आर्थिक अवसर: निवेश और स्टार्टअप्स से रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।
- सामाजिक समावेशन: डिजिटल और AI तकनीक समाज के पिछड़े वर्गों तक सेवाएँ पहुँचाने में सहायक हैं।
AI का सुदुपयोग कैसे करें ? बेहतरीन विश्लेषण पढ़िए
आज की 21वीं सदी में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मानव जीवन के हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, प्रशासन और सामाजिक सेवाओं में AI ने अभूतपूर्व बदलाव लाना शुरू कर दिया है। परंतु, चाहे AI कितना भी विकसित क्यों न हो, उसकी सबसे बड़ी सीमा यह है कि यह केवल इंसानी बुद्धि और ज्ञान की नकल कर सकता है।
संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान के अनुसार तकनीक मनुष्य के लिए वरदान है । परमात्मा ने ये तकनीक जीवों को इसीलिए प्रदान की है ताकि भगवान को पहचानने में आसानी हो ।
आज हम घर बैठे अपने शास्त्रों को खोलकर देख सकते हैं कि उनमें क्या बताया गया है, गीता जी में किन तीन भगवानों का जिक्र है, वेदों में किस परमात्मा को पापनाशक बताया है । तकनीक के सुदुपयोग का ज्ञान तकनीक के साथ नहीं दिया जाता, वो भी केवल सच्चे संत के दिव्य ज्ञान से ही पता चलता है । हम तकनीक को कहाँ प्रयोग कर सकते हैं, ये भी संत रामपाल जी महाराज ही अपने सत्संगों में स्पष्ट करते हैं ।
संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि मोबाईल, इंटरनेट आदि का काम सिर्फ इतना है कि हम भगवान पहचान सकते हैं, तकनीक की मदद से अन्य कामों से समय बचाकर उसे भक्ति में लगा सकते हैं । संत रामपाल जी महाराज उदाहरण देते हैं, जिस प्रकार पुराने जमाने में फसल हाथ से काटी जाती थी जिसमे की दिन लगते थे, अब ये काम कुछ घंटों में हो जाता है, ऐसे में हम बाकी समय भगवान की भक्ति के लिए लगा सकते हैं । इससे ही मानव जीवन का असली लक्ष्य जो सत्संगों में बताया गया है, वो प्राप्त किया जा सकता है ।
FAQs on India AI Impact Summit 2026
Q 1. India AI Impact Summit 2026 कहाँ हुआ?
A: नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में।
Q 2. उद्घाटन किसने किया?
A: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सुबह 9:40 बजे।
Q 3. समिट की मुख्य थीम क्या थी?
A: “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय”, यानी AI का विकास सभी मानवता के कल्याण के लिए।
Q 4. MANAV विजन क्या है?
A: यह नीति-दृष्टि AI को मानव-केंद्रित, जिम्मेदार, समावेशी और किफायती बनाने पर जोर देती है।
Q 5. समिट में किन वैश्विक नेताओं ने भाग लिया?
A: फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, कई राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री और 100+ देशों के प्रतिनिधि।

