आज दुनिया के किसी भी कोने में नज़र डालिए– एक सवाल हर चेहरे पर लिखा दिखाई देता है, कमाई वही है, लेकिन फिर ज़िंदगी इतनी महँगी क्यों हो गई? महंगाई अब केवल अर्थशास्त्र का विषय नहीं रही। यह रसोई, अस्पताल, स्कूल और इंसान की गरिमा से जुड़ा सवाल बन चुकी है। थाली में रोटी कम होना, बीमारी होने पर भी इलाज टालना और बच्चों की पढ़ाई से समझौता। ये सब महंगाई के असली चेहरे हैं, जो आंकड़ों में नहीं दिखते।
- महंगाई क्या है और यह क्यों बढ़ रही है?
- वैश्विक स्तर पर महंगाई, यह सिर्फ़ एक देश की समस्या नहीं
- युद्ध, तेल और अंतरराष्ट्रीय राजनीति
- इलाज और शिक्षा: सेवा नहीं, व्यापार बनते क्षेत्र–आज स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत ज़रूरतें भी महंगाई की चपेट में हैं।
- महंगाई पर नियंत्रण: रास्ता क्या है?
- महंगाई दर की स्थिति– राहत और सतर्कता दोनों
- महंगाई के दौर में निःशुल्क सेवा की अद्भुत मिसाल: अन्नपूर्णा मुहिम
- वैश्विक महंगाई पर FAQs
महंगाई क्या है और यह क्यों बढ़ रही है?
सरल शब्दों में कहें तो महंगाई वह स्थिति है, जब ज़रूरी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ती जाती हैं, लेकिन आम आदमी की आय उसी गति से नहीं बढ़ती। तेल, अनाज, गैस, दवाइयाँ– हर चीज़ महँगी होती जा रही है।
इसके पीछे कई कारण हैं :
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का टूटना
- युद्ध और राजनीतिक तनाव
- ऊर्जा संकट
- और सबसे अहम, भ्रष्टाचार (Corruption)
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वैश्विक स्तर पर महंगाई, यह सिर्फ़ एक देश की समस्या नहीं
- अमेरिका, यूरोप, एशिया – कोई भी देश इस संकट से अछूता नहीं है।
- तेल की कीमतें, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में बढ़ोतरी– इन सबका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
- लेकिन सवाल यह है कि क्या हर देश में महंगाई का बोझ समान रूप से बँटा है?
- नीतियाँ ताक़तवर बनाते हैं, लेकिन कीमत आम लोग चुकाते हैं।

युद्ध, तेल और अंतरराष्ट्रीय राजनीति
- रूस-यूक्रेन युद्ध हो या मध्य-पूर्व का तनाव–
इनका सीधा असर तेल, गैस और खाद्य आपूर्ति पर पड़ता है।
- जब सीमाओं पर गोलियाँ चलती हैं,तो रसोई में महंगाई बढ़ती है।
- युद्ध का दर्द सिर्फ़ सैनिक नहीं,दुनिया का हर आम नागरिक महसूस करता है।
इलाज और शिक्षा: सेवा नहीं, व्यापार बनते क्षेत्र–आज स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत ज़रूरतें भी महंगाई की चपेट में हैं।
- अस्पताल इलाज से पहले फीस पूछता है,
- स्कूल किताबों से पहले फ़ीस बढ़ाता है।
- जब जीवन और ज्ञान महँगा हो जाए,
- तो समाज का संतुलन बिगड़ना तय है।
महंगाई पर नियंत्रण: रास्ता क्या है?
महंगाई का समाधान केवल ब्याज दरों या सब्सिडी से नहीं होगा। इसके लिए ज़रूरी है
- भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था
- पारदर्शी शासन
- नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा
- संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण
जब नीति और नीयत दोनों साफ़ हों, तभी आम आदमी को राहत मिलती है।
महंगाई दर की स्थिति– राहत और सतर्कता दोनों
- अगर खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) की बात करें तो 2025-26 में इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
- जून 2025 में महंगाई दर घटकर लगभग 2.1% तक पहुंच गई थी, जो बीते 6 वर्षों में सबसे निचला स्तर माना गया।
- दिसंबर 2025 में यह बढ़कर करीब 1.33% दर्ज की गई।
- 2026 की शुरुआत में इसके 1.80% तक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
महंगाई के दौर में निःशुल्क सेवा की अद्भुत मिसाल: अन्नपूर्णा मुहिम
आज जब महंगाई ने ज़रूरतमंद इंसान को दर-दर भटकने पर मजबूर कर दिया है, ऐसे समय में संत रामपाल जी महाराज मानवता की सच्ची मिसाल बनकर सामने आए हैं। वे केवल अन्न ही नहीं, बल्कि जीवन की हर आवश्यक वस्तु जरूरतमंदों को निःशुल्क प्रदान करते हैं। संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गरीब और असहाय लोगों को, तथा चिकित्सा क्षेत्र में देह-दान और मेडिकल सहायता जैसी सेवाएँ बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध कराई जाती हैं। इतना ही नहीं, उनका ज्ञान, शिक्षा और सत्संग भी पूरी तरह निःशुल्क है-जहाँ किसी से कोई शुल्क, चढ़ावा या दान नहीं लिया जाता। जब महंगाई हर चीज़ को महँगा बना रही है, तब संत रामपाल जी महाराज की यह निःस्वार्थ सेवा बताती है कि सच्चा संत वही है जो समाज से लेता नहीं, बल्कि समाज को देता है। उनकी शिक्षाएँ और सेवाएँ यह संदेश देती हैं कि मानवता और करुणा ही सबसे बड़ा धर्म है।
वैश्विक महंगाई पर FAQs
Q.1 2026 में वैश्विक महंगाई क्यों चर्चा में है?
2026 में वैश्विक महंगाई इसलिए चर्चा में है क्योंकि भोजन, ईंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। World Inflation Crisis, Oil Price Hike और Supply Chain Disruption जैसे कारणों ने आम आदमी की दैनिक ज़िंदगी को सीधे प्रभावित किया है।
Q.2 महंगाई का सबसे अधिक असर किस पर पड़ रहा है?
गरीब और मध्यम वर्ग पर, जिनकी आय सीमित है और खर्च लगातार बढ़ रहा है।
Q.3 अन्नपूर्णा मुहिम से समाज को क्या सीख मिलती है?
यह मुहिम सिखाती है कि सच्चा धर्म सेवा है और मानवता ही सबसे बड़ा मूल्य है।
Q.4 सरकारें महंगाई रोकने के लिए क्या कर सकती हैं?
महंगाई नियंत्रण के लिए पारदर्शी नीतियाँ, भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन और आवश्यक वस्तुओं पर नियंत्रण ज़रूरी है। केवल ब्याज दरें बढ़ाना Long Term Solution नहीं है।
Q.5 संत रामपाल जी महाराज के अनुसार महंगाई और दुख क्यों बढ़ते हैं?
संत रामपाल जी महाराज के सतज्ञान के अनुसार, जब समाज में लालच, अन्याय और अनैतिकता बढ़ती है, तब अभाव और दुख स्वाभाविक रूप से बढ़ते हैं। यह Economic Crisis नहीं, बल्कि Moral Crisis भी है।

