SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » प्लास्टिक प्रदूषण हर रहा है धरा का सौन्दर्य 

Lifestyle

प्लास्टिक प्रदूषण हर रहा है धरा का सौन्दर्य 

SA News
Last updated: November 4, 2024 2:20 pm
SA News
Share
प्लास्टिक प्रदूषण हर रहा है धरा का सौन्दर्य
SHARE

प्लास्टिक से दूरी बनाना अर्थात् धरती को बंजर होने से बचाना तो आइए आज हम जानते हैं कि प्लास्टिक निर्मित वस्तुओं का उपयोग हमारे और अन्यजीवों के जीवन पर संकट के बदल उत्पन्न करने में कैसे जुटा है ।

Contents
  • प्लास्टिक का न सड़ना न गलना / हरपल गंदगी और प्रदूषण का बढ़ना
  • प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभाव
  • प्लास्टिक प्रदूषण से निजात कैसे पा सकते हैं

प्लास्टिक प्रदूषण वर्तमान समय में पूरे पर्यावरण के लिए बहुत ही जठिल समस्या बन चुका है । गांव -कस्बा से लेकर नगर – शहर  हर जगह प्लास्टिक बिखरा दिखाई पड़ता है । जब कभी हम रेल यात्रा करते हैं तब विभिन्न नगर – शहरों से निकलते हुए हमें प्लास्टिक प्रदूषण की झलक दिखाई पड़ती है । नदियों से लेकर झीलों तक प्लास्टिक निर्मित कचरा बिखरा पड़ा है जिसका मुख्य उदाहरण गंगा नदी है । 

सरल भाषा में कहें तो – प्लास्टिक निर्मित वस्तुओं को भूमि या जल में जमा होना प्लास्टिक प्रदूषण कहलाता है । इसके द्वारा पूरे पर्यावरण पर दुष्प्रभाव पड़ता है। यह महा जठिल संकट/समस्या दिन – प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है । इसको हम पृथ्वी के पक्ष में एक नकारात्मक प्रभाव कह सकते हैं। यह देश की ही नहीं बल्कि एक वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है ।

प्लास्टिक का न सड़ना न गलना / हरपल गंदगी और प्रदूषण का बढ़ना

(प्लास्टिक प्रदूषण के कुछ मुख्य कारण)

(1) प्लास्टिक निर्मित वस्तुओं का सस्ता होना, मानवीय गतिविधियाँ और दूसरी ओर आसानी से उपलब्धता एक मुख्य कारण है ।

(2) टायर युक्त वाहन चलाते समय टायरों के घिस जाने से अनगिनत सुक्ष्म प्लास्टिक कण हवा के माध्यम से पर्यावरण में फैलना ।

(3) सिंथेटिक कपड़ों का उपयोग भी कहीं न कहीं एक प्लास्टिक प्रदूषण का कारण कहा जा सकता है।

(4) रीसाइकिल य अप साइकिल करने में कमी भी प्लास्टिक प्रदूषण को बढ़ने में मदद कर रहा है ।

(5) पॉलिमर युक्त पेंट्स सुक्ष्म प्लास्टिक कणों से निर्मित होता है जो पानी के साथ होकर प्लास्टिक प्रदूषण को योगदान देता है।

प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभाव

  • मिट्टी में प्लास्टिक निर्मित वस्तुओं का जमा होने से उसकी उपजाऊपन नष्ट हो जाती है जिससे किसानों को उपज सही नहीं मिल पाती है ।
  • समुद्री जीवों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर होने से उनकी मौत हो जाती है क्योंकि पानी में प्लास्टिक कणों को वह भोज्यकण समझकर कर खा जाते हैं ।
  • प्लास्टिक को जलाने से उसका धुआं हवा को तो दूषित करने के साथ – साथ  हमारे शरीर में भी अनेकों बीमारियां उत्पन्न कर देता है । 
  • वन्यजीवों से लेकर घरेलू  जानवरों पर भी प्लास्टिक निर्मित वस्तुओं का दुष्प्रभाव पड़ता है ,कभी – कभी इसके खाने से उनकी मौत भी हो जाती है ।
  • प्लास्टिक प्रदूषण द्वारा कैंसर हो जाना , अंतःस्रावी तंत्र और हार्मोनल तंत्र पर दुष्प्रभाव हो जाना, एंडोमेट्रियोसिस, पुरुष प्रजनन संबंधी समस्याएं और दूसरी ओर देखा जाए  यह भ्रूण के विकास पर भी  असर पड़ता है ।
  • प्लास्टिक का पूरी तरह न जलने पर कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्पन्न हो जाना भी पर्यावरण में बहुत ही हानिकारक है । कार्बन डाइऑक्साइड भी प्लास्टिक जलाने पर निकलती है और यह ओजोन परत पर दुष्प्रभाव डालती है ।

प्लास्टिक प्रदूषण से निजात कैसे पा सकते हैं

सर्वप्रथम मानव समाज को प्लास्टिक प्रदूषण के संदर्भ में जागरूक होना अनिवार्य है । प्लास्टिक उत्पादन पर नियंत्रण द्वारा भी इस समस्या से निजात पा सकते हैं । प्लास्टिक बैगों की जगह पेपर या अन्य बायोडिग्रेडेबल वस्तुओं से बने बैगों का उपयोग करना चाहिए।

हमें चाहिए कि नदियां या समुद्र के तट/ किनारे की सफाई में सयोग करना चाहिए । पर्यावरण की सुरक्षा करना मतलब हम स्वयं हमारे जीवन की सुरक्षा कर रहे हैं ।

कृषि क्षेत्र में या वन्य क्षेत्र में भूलकर भी प्लास्टिक निर्मित वस्तुओं को न उपयोग करना चाहिए और न ही ले जाने देना चाहिए क्योंकि इससे भूमि और उसमें रहने वाले जीवजंतुओं पर जानलेवा प्रभाव पड़ता है ।

नगरपालिकाएं या नगरनिगम जब भी सफाई अभियान के संदर्भ में शिविर लगाते हैं तो हमें उसमें भाग लेना चाहिए और मानव समाज में इस समस्या से निपटने के लिए जागरूकता फैलानी चाहिए । इसे हमें एक गंभीर और महत्वपूर्ण कार्य समझकर लोगों को बताना चाहिए कि प्लास्टिक निर्मित वस्तुओं का उपयोग हमें और अन्य जीवधारियों को जीवन संकट उत्पन्न कर जा रहा है ।

इसपर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो किसी को भी भविष्य में जहर खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, अपने आप ही जीवन समाप्त हो जाएगा ।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article Seventh Session of International Solar Alliance Assembly: A Step Towards a Sustainable Future Seventh Session of International Solar Alliance Assembly: A Step Towards a Sustainable Future
Next Article A Journey through Space Science Missions Exploring the Depths of Space: A Journey through Space Science Missions
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

मिज़ोरम में भारत के पहले जनरेशन बीटा बच्चे का हुआ जन्म: एक नई पीढ़ी की हुई शुरुआत

मिज़ोरम में जन्मा जनरेशन बीटा का पहला बच्चा भारत के पहले जेनरेशन बीटा बच्चे का…

By SA News

सच्ची भक्ति बनाम अंधविश्वास: आध्यात्मिक जीवन में संतुलन की आवश्यकता

वर्तमान समय की भक्ति अंधविश्वास बनकर रह गई है। वर्तमान की भक्ति को देखा जाए…

By SA News

Govt Launches PM E-Drive Scheme – Replaces FAME, Ignored Electric, Hybrid Vehicles

As part of enhancing the speed of transitioning towards Electric Mobility in India, the Union…

By SA News

You Might Also Like

मंत्र, वेद, विज्ञान और मोक्ष का अद्भुत रहस्य
Lifestyle

मंत्र, वेद, विज्ञान और मोक्ष का अद्भुत रहस्य 

By SA News
AI और कोडिंग से बदलेगा शिक्षा का भविष्य: नाइजीरिया और बर्किना फासो की 2025 क्रांति
LifestyleTech

AI और कोडिंग से बदलेगा शिक्षा का भविष्य: नाइजीरिया और बर्किना फासो की 2025 क्रांति

By SA News
International Picnic Day 2025: जब भूख भी हँसती है और हरियाली भी गले लगती है
Lifestyle

International Picnic Day 2025: जब भूख भी हँसती है और हरियाली भी गले लगती है

By SA News
बच्चों के लिए ब्लेंडेड लर्निंग क्यों बन रही है समय की सबसे बड़ी शैक्षिक आवश्यकता?
Lifestyle

बच्चों के लिए ब्लेंडेड लर्निंग क्यों बन रही है समय की सबसे बड़ी शैक्षिक आवश्यकता?

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.