SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » प्रयागराज के महाकुंभ 2025 में पहुंचेंगे अनि अखाड़े के साधु-संत, शामिल होंगे यूपी के सीएम

Spirituality

प्रयागराज के महाकुंभ 2025 में पहुंचेंगे अनि अखाड़े के साधु-संत, शामिल होंगे यूपी के सीएम

SA News
Last updated: December 28, 2024 12:46 pm
SA News
Share
प्रयागराज के महाकुंभ 2025 में पहुंचेंगे अनि अखाड़े के साधु-संत, शामिल होंगे यूपी के सीएम
SHARE

हर बार भारत वर्ष में होने वाले महाकुंभ में अनेकों धर्मों के लोग शामिल होते हैं। वहीं इस बार यूपी में होने वाले महाकुंभ 2025 में अनेकों अखाड़ों के साधु-संत पहुंच रहे हैं। साथ ही 13 अनि अखाड़ों के साधु-संत सहित यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी प्रयागराज में शामिल होंगे। 13 जनवरी 2025 से प्रारम्भ होने वाला महाकुंभ 12 कुम्भ मेलों में केवल एक बार आता है। वहीं इस वर्ष यह महाकुंभ 13 जनवरी से प्रारंभ होकर 26 फरवरी तक चलेगा जिसको हिन्दू धर्म में पापों से मुक्ति का स्थान माना जाता है। 

Contents
  • जानें महाकुंभ 2025 से संबंधित मुख्य बिंदु
  • भारत के अनेक जगहों पर लगता है महाकुंभ
  • अनि अखाड़ों के साधु-संत भी होंगे शामिल
  • क्यों होता है महाकुंभ प्रयागराज में?
  • तीर्थ स्थानों पर जाने से मोक्ष नहीं

जानें महाकुंभ 2025 से संबंधित मुख्य बिंदु

  • प्रयागराज सहित भारत के तीन स्थानों पर और लगता है महाकुंभ 
  • महाकुंभ में शामिल होंगे अनेकों धर्मों के साधु-संत 
  • 12 कुम्भ मेलों के बाद आता एक महाकुंभ
  • तीर्थ स्थानों पर स्नान से मोक्ष नहीं 

भारत के अनेक जगहों पर लगता है महाकुंभ

भारत वर्ष में महाकुंभ केवल चार स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार,  उज्जैन, नासिक में लगते हैं। जो लगभग 144 वर्षों में एक बार आता है । 12 कुम्भ मेलों के बाद एक महाकुंभ आता है जो इस बार 13 जनवरी 2025 को यूपी के प्रयागराज में लगने वाला है। यह महाकुंभ सबसे दुर्लभ माना जाता है इसलिए अनेकों अखाड़ों व धार्मिक समुदाय के श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। जहां अधिकतर हिन्दू धर्म के साधु-संत और अनेकों पंथ, अखाड़े शामिल होते हैं। यह महाकुंभ बहुत दुर्लभ होने के कारण सभी इसमें पापों से मुक्ति पाने के लिए स्नान करते हैं। 

अनि अखाड़ों के साधु-संत भी होंगे शामिल

महाकुंभ आने का इंतजार हिन्दू धर्म में अनेकों धर्मों और पंथ, अखाड़ों के साधु-संत करते हैं क्योंकि यह महाकुंभ लगभग 12 साल में एक बार आता है। जहां हिंदू धर्म के लोग अपने को पापों से मुक्ति दिलाने और मोक्ष प्राप्ति के लिए वहां कि पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। 

इस बार हो रहे प्रयागराज, यूपी के महाकुंभ में 13 अनि अखाड़ों के साधु-संत भी शामिल होंगे। आपको बता दें वैष्णव परंपरा के तीनों अनि अखाड़ों के इष्ट देव हनुमान जी है जो बहुत कम लोग जानते हैं। लेकिन इन तीनों अनि अखाड़ों की ध्वजाएं अलग-अलग रंग की होती है। वहीं तीनों अनि अखाड़ों की धर्म ध्वाजा की स्थापना 28 अगस्त को होगी जिसमें यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे।

क्यों होता है महाकुंभ प्रयागराज में?

महाकुंभ का महत्व काफी पुराना और रौचक है। यह हिन्दू धर्म में माने जाने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में से एक है। माना जाता है कि इस महाकुंभ में अनेकों पवित्र नदियों में स्नान कर पापों से मुक्ति पाई जाती है। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

महाकुंभ का इतिहास काफी पुराना है और यह हिन्दू धर्म के चार तीर्थ स्थल से जुड़ा हुआ है। इस महाकुंभ की शुरुआत पुराणों से जुड़ी हुई है। पुराणों के अनुसार जब समुंद्र मंथन के समय अमृत कलश के लिए देवताओं और राक्षसों में युद्ध हुआ था तो उस अमृत की कुछ बूंदें भारत के चार स्थानों पर यानि प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक में गिरने के कारण इनको पवित्र व मोक्ष का स्थान माना जाता है। इसलिए यह मनमानी धारणा बन गई कि इन नदियों में स्नान से सभी पाप दूर हो जाते हैं और मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

तीर्थ स्थानों पर जाने से मोक्ष नहीं

तीर्थ स्थानों पर जाने से मोक्ष के स्थान पर हानि होती है जिसका प्रमाण कबीर साहेब द्वारा बताए सूक्ष्म वेद से मिलता हैं।

तीरथ बाट चले जो जीव, सो तो जन्म -जन्म उर जानि।

जो तीरथ पर कर हैं दानम, आवत जावत जीव मरे अरबनम।

कबीर साहेब जी अपनी वाणी में बताते हैं कि तीर्थ यात्रा पर जाने वाले सभी भक्तजन रास्ते में लाखों सूक्ष्म जीवों की हत्या करते हैं, जिससे उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। बल्कि वे पाप के भागी बनते हैं। इसलिए दान-पुण्य, स्नान, तीर्थ यात्रा करने से कोई लाभ नहीं होता और ना ही ऐसे लोगों को मोक्ष मिलता है। 

इस प्रकार तीर्थ व्रत करने से कोई लाभ नहीं मिलता। असली मोक्ष पूर्ण संत द्वारा दी गई, वेदों में वर्णित यथार्थ भक्ति साधना से मिलता है।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love1
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article Railway New Rules 2024 news in hindi Railway New Rules 2024 (भारतीय रेल की नई टिकट नीति): वेटिंग टिकट धारकों के लिए कड़े नियम
Next Article अवैध संपत्ति मामले में सौरभ शर्मा को अग्रिम जमानत से इनकार, कोर्ट ने बताया गंभीर अपराध अवैध संपत्ति मामले में सौरभ शर्मा को अग्रिम जमानत से इनकार, कोर्ट ने बताया गंभीर अपराध
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

TNUSRB Admit Cards 2025 Released: Download at tnusrb.tn.gov.in

TNUSRB Admit Cards 2025 Released: On Wednesday, 22nd October, 2025, the Tamil Nadu Uniformed Services…

By Prashant Chhabra

The British Monarchy: A Thousand-Year Legacy of Power, Change, and Tradition

The history of the British monarchy spans over a thousand years, from medieval rulers to…

By SA News

India Plans ‘Bodyguard Satellites’ to Guard Its Space Assets Amid Rising Global Threats

Key points regarding India to deploy bodyguard satellites Why India is Strengthening Space Security Satellites…

By SA News

You Might Also Like

Maha Kumbh Mela 2025 as New District Enhancing the Maha Kumbh Experience
SpiritualityEvents

Maha Kumbh Mela 2025 as New District: Enhancing the Maha Kumbh Experience

By SA News
Sant Rampal Ji Maharaj 75th Avataran Diwas Live Update संत रामपाल जी महाराज के अवतरण दिवस के लाइव अपडेट
Spirituality

Sant Rampal Ji Maharaj 75th Avataran Diwas Live Update | संत रामपाल जी महाराज के अवतरण दिवस के लाइव अपडेट

By SA News
आध्यात्मिक पर्यटन में भारत नंबर 1: जानिए क्यों दुनिया खिंची चली आ रही है?
Spirituality

आध्यात्मिक पर्यटन में भारत नंबर 1: जानिए क्यों दुनिया खिंची चली आ रही है?

By SA News
नरसिंहपुर आध्यात्मिकता और सेवा का संगम, रक्तदान के साथ देहदान का लिया संकल्प
Hindi NewsSpirituality

नरसिंहपुर: आध्यात्मिकता और सेवा का संगम, रक्तदान के साथ देहदान का लिया संकल्प

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.