नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के प्रशासनिक केंद्र ‘लुटियंस ज़ोन’ में चल रहे महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। स्वतंत्रता के बाद के भारतीय प्रशासनिक इतिहास की गवाह रही प्रतिष्ठित इमारत ‘निर्माण भवन’ को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा संचालित इस महा-परियोजना के तहत निर्माण भवन को गिराए जाने के बाद अब इसके ठीक सामने स्थित ‘उद्योग भवन’ को भी ढहाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
इन दोनों विशाल प्रशासनिक भवनों के स्थान पर अब अत्याधुनिक और एकीकृत ‘कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ के तीन नए भव्य ब्लॉक ब्लॉक नंबर 4, 5 और 6 का निर्माण किया जाना है। इस बदलाव के साथ ही लुटियंस दिल्ली की स्काईलाइन और स्थापत्य कला हमेशा के लिए बदलने जा रही है।
Central Vista Project से जुड़े मुख्य बिंदु:
- सेंट्रल विष्टा प्रोजेक्ट के तहत निर्माण भवन को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
- निर्माण भवन के बाद अब उद्योग भवन की बारी।
- इन दोनों पुरानी इमारतों की जगह करीब 4,400 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के तीन नए ब्लॉक बनाए जाएंगे।
- नए सचिवालय भवनों के निर्माण का जिम्मा प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को सौंपा।
- पर्यावरण मंत्रालय और दिल्ली हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी से इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक सभी वैधानिक मंजूरियां प्राप्त की जा चुकी हैं।
निर्माण भवन का इतिहास
मौलाना आज़ाद रोड और राजपथ (कर्तव्य पथ) के नज़दीक स्थित निर्माण भवन दशकों तक देश के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का ठिकाना रहा है। इसमें मुख्य रूप से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण सरकारी विभाग शामिल थे। साल 1960 के दशक में बनी यह इमारत स्वतंत्रता के बाद के भारत के सरकारी दफ्तरों की पहचान बन चुकी थी।
निर्माण भवन की विदाई का सफर
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत जब नई दिल्ली को नया स्वरूप देने की योजना बनी, तब यह तय किया गया कि इन बिखरे हुए मंत्रालयों को एक ही जगह पर एकीकृत किया जाए। इसी के तहत निर्माण भवन में चल रहे सभी मंत्रालयों और उनके हज़ारों अधिकारियों-कर्मचारियों को पिछले महीनों में दिल्ली के अन्य हिस्सों में बनी नई इमारतों और कस्तूरबा गांधी मार्ग व अफ्रीका एवेन्यू स्थित ट्रांजिट कैंपों में पूरी तरह से शिफ्ट कर दिया गया। खाली होने के बाद अत्याधुनिक हेवी मशीनरी की मदद से इस पूरी संरचना को ढहा दिया गया है, ताकि मलबे के निपटान के साथ ही नए निर्माण की नींव रखी जा सके।
अब उद्योग भवन की बारी
निर्माण भवन का काम पूरा होते ही केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) का पूरा ध्यान अब उद्योग भवन पर केंद्रित हो गया है। उद्योग भवन भी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय जैसे बेहद महत्वपूर्ण विभागों का केंद्र रहा है।
क्या है सरकार का अगला कदम?
उद्योग भवन को खाली करने की प्रक्रिया लगभग पूरी की जा चुकी है और यहां संचालित होने वाले अधिकांश विभागों को नवनिर्मित केंद्रीय सचिवालय के अन्य ब्लॉकों में स्थानांतरित कर दिया गया है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए, उद्योग भवन को ढहाने के दौरान धूल और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विशेष स्मॉग गन और ग्रीन कर्टन्स (हरे पर्दों) का जाल बिछाया जा रहा है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि अगले कुछ महीनों के भीतर इस इमारत के ढांचे को भी पूरी तरह से हटाकर जमीन को नए कंस्ट्रक्शन के लिए पूरी तरह साफ कर दिया जाए।
नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) का भव्य स्वरूप
निर्माण भवन और उद्योग भवन के इस संयुक्त भूखंड पर जो नया ढांचा तैयार होगा, उसे देखने में बेहद भव्य और कार्यप्रणाली में पूरी तरह से डिजिटल और ईको-फ्रेंडली बनाया जा रहा।
- तीन नए ब्लॉक: इस स्थान पर कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के तीन नए भवनों का निर्माण होगा। इन भवनों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वे एक-दूसरे से आंतरिक रूप से जुड़े होंगे।
- अंडरग्राउंड मेट्रो कनेक्टिविटी: इस नए सचिवालय परिसर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से भूमिगत सुरंग के ज़रिए सीधे जुड़ा होगा। इससे कर्मचारियों और आगंतुकों को मुख्य सड़क पर आए बिना सीधे मेट्रो स्टेशन से कार्यालयों के अंदर आने-जाने की सुविधा मिलेगी, जिससे लुटियंस जोन में ट्रैफिक का दबाव बेहद कम हो जाएगा।
- आधुनिक सुविधाएं: इन नए दफ्तरों में सेंट्रलाइज्ड कॉन्फ्रेंस रूम, हाई-टेक सुरक्षा जांच प्रणाली, विशाल अंडरग्राउंड पार्किंग और पूरी तरह से पेपरलेस वर्किंग एनवायरनमेंट की व्यवस्था की जा रही है।
FAQs about Central Vista Project:
Q1. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत निर्माण भवन को क्यों ढहाया गया है?
पुरानी इमारतों में जगह की कमी, आधुनिक तकनीकी सुविधाओं का अभाव और मंत्रालयों के बिखराव को दूर करने के लिए निर्माण भवन को ढहाया गया है। ताकि सुविधाओं से लैस एक विशाल बनाया जा सके।
Q2. निर्माण भवन में चल रहे मंत्रालय अब कहां शिफ्ट किए गए हैं?
निर्माण भवन के सभी मंत्रालयों को अस्थाई रूप से कस्तूरबा गांधी मार्ग और अफ्रीका एवेन्यू स्थित नए प्रशासनिक परिसरों तथा सेंट्रल विस्टा के तहत तैयार नए ब्लॉकों में शिफ्ट कर दिया गया है।
Q3. उद्योग भवन को कब तक पूरी तरह से गिरा दिया जाएगा?
उद्योग भवन को खाली कराने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। तकनीकी टीम द्वारा सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम पूरे करने के बाद अगले कुछ महीनों के भीतर इसके ढांचे को चरणबद्ध तरीके से गिराने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
Q4. इन दोनों पुरानी इमारतों की जगह बनने वाले नए सचिवालय की क्या खासियत होगी?
यहाँ बनने वाले तीन नए ब्लॉक पूरी तरह से आधुनिक, भूकंपरोधी और ऊर्जा-कुशल (Energy Efficient) होंगे। साथ ही ये सभी भवन आंतरिक रूप से दिल्ली मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर से सीधे जुड़े होंगे।
Q5. क्या इस तोड़फोड़ से दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों को कोई नुकसान पहुंचेगा?
नहीं, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत केवल उन्हीं प्रशासनिक भवनों को बदला जा रहा है जो स्वतंत्रता के बाद बने थे। नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, संसद भवन और इंडिया गेट जैसी मुख्य ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखते हुए उनका केवल जीर्णोद्धार किया जा रहा है।

