14 फ़रवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असम दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह यात्रा विकास परियोजनाओं के लोकार्पण, बुनियादी ढाँचे के सुदृढ़ीकरण और राजनीतिक दृष्टि से भी खास महत्व रखती है। दिनभर के इस व्यस्त कार्यक्रम में हवाई प्रदर्शन से लेकर पुल निरीक्षण, डेटा सेंटर उद्घाटन और विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन तक कई अहम पड़ाव शामिल हैं। केंद्र और राज्य स्तर पर इस दौरे को पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
- सुबह की उड़ान से असम आगमन तक का कार्यक्रम
- मोरान में ऐतिहासिक एयर शो और आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का प्रदर्शन
- गुवाहाटी की ओर प्रस्थान और पुल निरीक्षण
- लाखों करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
- राष्ट्रीय डेटा सेंटर: डिजिटल पूर्वोत्तर की नींव
- आईआईएम गुवाहाटी का स्थायी परिसर
- पीएम-ईबस सेवा योजना का शुभारंभ
- खानापारा में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन
- समग्र दृष्टि से बहुआयामी दौरा
सुबह की उड़ान से असम आगमन तक का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्थान नई दिल्ली से सुबह 7:15 बजे निर्धारित है। वे विशेष विमान से रवाना होकर लगभग 9:50 बजे असम के चाबुआ एयरफील्ड पहुँचेंगे। इसके बाद कार्यक्रम का अगला चरण डिब्रूगढ़ जिले के मोरान क्षेत्र में होगा, जहाँ 10:00 से 10:30 बजे के बीच विशेष गतिविधियाँ निर्धारित की गई हैं। यह समयावधि सैन्य और नागरिक उड्डयन से जुड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए जानी जाएगी।
मोरान में ऐतिहासिक एयर शो और आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का प्रदर्शन
मोरान बाईपास, डिब्रूगढ़ स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर प्रधानमंत्री लगभग 10:30 बजे उतरेंगे। यहाँ वे लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन देखेंगे। इस एयर शो के दौरान कई फाइटर एयरक्राफ्ट सीधे हाईवे एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग करेंगे, जो तकनीकी और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सुविधा पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली संरचना है, जिसे भारतीय वायुसेना के समन्वय से विशेष रूप से आपात स्थितियों में सैन्य तथा नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ को ध्यान में रखते हुए निर्मित किया गया है।
गुवाहाटी की ओर प्रस्थान और पुल निरीक्षण
मोरान कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री लगभग 12:30 बजे गुवाहाटी हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 1:00 बजे ब्रह्मपुत्र नदी पर निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का दौरा और निरीक्षण निर्धारित है। यह पुल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और यातायात सुगमता के लिहाज़ से मील का पत्थर माना जा रहा है।
कुमार भास्कर वर्मा सेतु लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित छह लेन का एक्सट्राडोज़्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल है, जो गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है। पूर्वोत्तर में यह अपनी तरह का पहला पुल है। इसके संचालन से दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा समय घटकर मात्र सात मिनट रह जाने की संभावना जताई गई है। पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग आधारित बेस आइसोलेशन तकनीक और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) जैसी उन्नत तकनीकों का समावेश किया गया है, जिससे इसकी दीर्घकालिक सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिरता सुनिश्चित होगी।
लाखों करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
दोपहर 1:30 बजे गुवाहाटी के लाचित घाट पर प्रधानमंत्री विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिनकी कुल अनुमानित लागत 5,450 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इन परियोजनाओं में अवसंरचना, डिजिटल क्षमता और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी योजनाएँ प्रमुख रूप से शामिल हैं।
राष्ट्रीय डेटा सेंटर: डिजिटल पूर्वोत्तर की नींव
अमिंगांव, कामरूप में स्थापित राष्ट्रीय डेटा सेंटर पूर्वोत्तर क्षेत्र की डिजिटल संरचना को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम है। इस केंद्र की कुल स्वीकृत लोड क्षमता 8.5 मेगावाट है तथा प्रति रैक औसत क्षमता 10 किलोवाट निर्धारित की गई है। यह केंद्र विभिन्न सरकारी विभागों के मिशन क्रिटिकल एप्लीकेशनों की मेजबानी करेगा और अन्य राष्ट्रीय डेटा सेंटरों के लिए डिज़ास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में भी कार्य करेगा। इससे डिजिटल सेवाओं की निरंतरता और डेटा सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आईआईएम गुवाहाटी का स्थायी परिसर
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी यह दौरा महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) गुवाहाटी के स्थायी परिसर का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे पूर्वोत्तर भारत में प्रबंधन और उच्च शिक्षा को नया प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। इसे क्षेत्रीय शैक्षणिक विकास के लिए दीर्घकालिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है।
पीएम-ईबस सेवा योजना का शुभारंभ
स्वच्छ और सुलभ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इनमें गुवाहाटी में 100, नागपुर में 50, भावनगर में 50 और चंडीगढ़ में 25 बसें शामिल हैं। इस योजना से अनुमानित रूप से 50 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और शहरी यातायात सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
खानापारा में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन
दोपहर 2:00 बजे खानापारा में प्रधानमंत्री बूथ सम्मेलन, जिसे बूथ विजय संकल्प सभा भी कहा जा रहा है, को संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी के लगभग एक लाख बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना व्यक्त की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कार्यक्रम आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती का संकेत भी माना जा रहा है।
समग्र दृष्टि से बहुआयामी दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह असम दौरा विकास, तकनीक, शिक्षा और राजनीतिक संवाद का समन्वित मिश्रण प्रस्तुत करता है। हवाई आपात सुविधा से लेकर डिजिटल डेटा केंद्र, उच्च शिक्षा संस्थान से लेकर इलेक्ट्रिक बस सेवा और विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन तक, यह यात्रा पूर्वोत्तर भारत के बहुआयामी विकास की रूपरेखा को रेखांकित करती है। केंद्र सरकार इसे क्षेत्रीय प्रगति की दिशा में निर्णायक पहल के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जबकि राज्य स्तर पर इसे भविष्य की योजनाओं की आधारशिला माना जा रहा है।

