Delhi News Update: देश की राजधानी में बढ़ते प्रदूषण और पुरानी गाड़ियों पर लगे प्रतिबंध के बीच वाहन मालिकों के लिए एक उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। दिल्ली सरकार जल्द ही अपनी नई EV Policy 2.0 लागू करने वाली है। इस पॉलिसी के ड्राफ्ट में पुराने वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहन में बदलने यानी रेट्रोफिटिंग के लिए सब्सिडी देने का प्रस्ताव रखा गया है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने की मजबूरी खत्म हो सकती है।
दिल्ली EV Policy 2.0 से जुड़े मुख्य बिंदु:
- दिल्ली सरकार पुरानी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक बनाने पर 50,000 रुपये सब्सिडी देने पर विचार कर रही।
- यह सब्सिडी शुरुआत में केवल पहले 1000 वाहनों के लिए हो सकती है, उपलब्ध।
- सरकार ने ईवी रिसर्च फंड को 5 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ करने का भी प्रस्ताव दिया है।
- फिलहाल यह योजना ड्राफ्ट स्टेज में है और कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।
सरकार का नया प्रस्ताव
दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा तैयार किए गए EV Policy 2.0 के ड्राफ्ट के अनुसार, सरकार रेट्रोफिटिंग को बढ़ावा देना चाहती है। इसके तहत, जो लोग अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार का इंजन हटाकर उसमें इलेक्ट्रिक किट लगवाएंगे, उन्हें सरकार की तरफ से 50000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इससे उन लोगों को बड़ा फायदा होगा जिनकी गाड़ियां महंगी हैं और कंडीशन में हैं, लेकिन एनजीटी के 10 और 15 साल के नियम के कारण उन्हें सड़क पर नहीं उतारा जा सकता।
रेट्रोफिटिंग का खर्च और गणित
आम जनता के लिए यह समझना जरूरी है कि क्या 50,000 रुपये की मदद काफी है। एक सामान्य कार को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करने के लिए अप्रूव्ड किट की कीमत 3 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक होती है। अगर सरकार 50,000 रुपये देती भी है, तब भी गाड़ी मालिक को अपनी जेब से मोटी रकम खर्च करनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्कीम लग्जरी कार मालिकों के लिए ज़्यादा फायदेमंद है, क्योंकि उनकी गाड़ियों की बॉडी और फीचर्स कई सालों तक खराब नहीं होते।
पॉलिसी में अन्य बड़े बदलाव
सिर्फ रेट्रोफिटिंग ही नहीं, नई पॉलिसी में और भी कई बड़े लक्ष्य रखे गए हैं। सरकार का प्लान है कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स की संख्या को बढ़ाकर 12 लाख तक ले जाया जाए। इसके अलावा, बैटरी और चार्जिंग स्टेशन की तकनीक को बेहतर बनाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट फंड को 20 गुना बढ़ाने का प्रस्ताव है।
कब लागू होगी योजना
अभी यह सारी बातें पॉलिसी के ड्राफ्ट में शामिल हैं। इसे लागू होने से पहले दिल्ली कैबिनेट और उप-राज्यपाल की मंजूरी मिलनी बाकी है। उम्मीद की जा रही है कि साल 2026 की पहली तिमाही में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। जब तक ऑफिशियल नोटिफिकेशन नहीं आता, वाहन मालिकों को इंतज़ार करना चाहिए।
दिल्ली EV Policy 2.0 के बारे में FAQs
क्या सभी पुरानी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक बनाने पर पैसा मिलेगा?
नहीं, प्रस्ताव के अनुसार यह सब्सिडी केवल पहले 1000 वाहनों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी।
रेट्रोफिटिंग या कार को इलेक्ट्रिक बनाने में कितना खर्च आता है?
एक एवरेज कार के लिए इसका खर्च 3 लाख से 5 लाख रुपये के बीच आता है, जो बैटरी की क्षमता पर निर्भर करता है।
क्या मैं किसी भी मैकेनिक से इलेक्ट्रिक किट लगवा सकता हूं?
नहीं, आपको केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सेंटर से ही किट लगवानी होगी तभी वह वैलिड मानी जाएगी।
क्या इलेक्ट्रिक में बदलने के बाद गाड़ी का रजिस्ट्रेशन बढ़ाना पड़ेगा?
हां, रेट्रोफिटिंग के बाद आरटीओ में गाड़ी का फ्यूल टाइप चेंज करवाना पड़ता है, जिसके बाद गाड़ी की वैलिडिटी बढ़ जाती है।

